नरेश गुनानी
- लाइव समीक्षा: विभाग के 15 हजार से अधिक परिवादों की डैशबोर्ड पर लाइव समीक्षा, 90.89 प्रतिशत मामलों का हुआ सफल निस्तारण।
- त्वरित एक्शन: अवैध खनन और परिवहन की विशिष्ट शिकायतों पर त्वरित एक्शन और संतुष्टि प्रतिशत में वृद्धि के दिए निर्देश।
जयपुर, 10 जून।
राज्य सरकार की मंशानुरूप आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निस्तारण के उद्देश्य से खान एवं पेट्रोलियम विभाग की विशिष्ट शासन सचिव नम्रता वृष्णि ने बुधवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 के कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने पोर्टल के ‘ग्रीवांस एनालिसिस समरी डैशबोर्ड’ के माध्यम से विभागवार, विषयवार और जिलावार लंबित प्रकरणों के आंकड़ों की लाइव समीक्षा की। डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि पोर्टल पर खान एवं पेट्रोलियम विभाग से संबंधित कुल प्राप्त परिवादों में से विभाग की सक्रियता से 90.89 प्रतिशत परिवादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है।
असंतुष्ट श्रेणी के मामलों पर सीधा संवाद करने के निर्देश
विशिष्ट शासन सचिव ने ‘नॉट सेटिस्फाइड’ (असंतुष्ट) की श्रेणी में दर्ज मामलों को लेकर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में परिवादी संतुष्ट नहीं हैं, उनसे अधिकारी सीधे फोन पर बात कर उनकी समस्या की वास्तविकता को समझें और त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
अवैध खनन और परिवहन पर तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान विशिष्ट शासन सचिव ने प्राप्त कुछ विशिष्ट और गंभीर शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया:
- अजमेर: भिनाय ब्लॉक व बडली में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनिज परिवहन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
- राजपुरा: राजपुरा गांव में चारागाह भूमि पर बजरी का अवैध खनन की शिकायत पर तुरंत सुनवाई कर परिवादी को राहत प्रदान की गई।
श्रेणियों का होगा पुनर्गठन, तकनीकी सिस्टम होगा अपग्रेड
नम्रता वृष्णि ने निर्देश दिए कि पोर्टल पर आने वाले हर परिवाद का संबंधित श्रेणी में ही दर्ज होना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन श्रेणियों में एक जैसी विषय-वस्तु आ रही है, वहां श्रेणियों का पुनर्गठन या पुनर्निर्धारण किया जाए। इसके साथ ही खान विभाग में आने वाली ऐसी शिकायतें जो पेट्रोलियम या अन्य सह-संबद्ध विषयों से संबंधित हैं, उन्हें तुरंत सही विभाग में ट्रांसफर करने की व्यवस्था को और सुचारू बनाया जाए। उन्होंने मौके पर ही आवश्यक तकनीकी अपग्रेडेशन और रिपोर्टिंग सिस्टम को बेहतर बनाने के संबंध में दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इन 5 जिलों से मिलीं सर्वाधिक शिकायतें
जिलावार शिकायतों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि सर्वाधिक शिकायतें निम्नलिखित पांच जिलों से प्राप्त हुई हैं:
- भीलवाड़ा
- जयपुर
- जोधपुर
- अजमेर
- पाली
विशिष्ट शासन सचिव ने इन जिलों के खनिज अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को पेंडिंग चल रहे मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की पहल: कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ रहे सचिव
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से राज्य के नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं आईटी विंग के तकनीकी विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।