नई दिल्ली/प्रीति बालानी/देशभर के बाजारों में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, प्रमुख दालों और सब्जियों की कीमतें वर्तमान में पूरी तरह स्थिर और सीमित दायरे में बनी हुई हैं। सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कराने के लिए साक्ष्य-आधारित संतुलित रणनीति पर काम कर रही है।
अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतें (26 अगस्त 2026 की स्थिति)
- टमाटर: ₹38.33 प्रति किलोग्राम
- आलू: ₹22.63 प्रति किलोग्राम
- प्याज: ₹37.87 प्रति किलोग्राम
- चना दाल: ₹86.71 प्रति किलोग्राम
- तूर (अरहर) दाल: ₹123.30 प्रति किलोग्राम
- गेहूं का आटा: ₹40.48 प्रति किलोग्राम
- दूध: ₹60.82 प्रति लीटर
पिछले वर्ष की तुलना में राहत
आंकड़ों के अनुसार, टमाटर, आलू और चना दाल की वर्तमान खुदरा कीमतें पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में काफी कम हैं। इसके अलावा तूर, मसूर, उड़द और मूंग जैसी अन्य प्रमुख दलहनों के दाम भी सामान्य दायरे में बने हुए हैं।
प्याज की कीमतों पर बफर स्टॉक से कसा जाएगा शिकंजा
सरकार राज्यों में प्याज की दैनिक आवक, उपलब्धता और मूल्य प्रवृत्तियों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। मंडियों में मांग और आवक के आंकड़ों के आधार पर ही बफर स्टॉक से प्याज जारी करने की मात्रा और गंतव्य स्थल तय किए जा रहे हैं। यदि किसी क्षेत्र में असामान्य मूल्य वृद्धि देखी जाती है, तो सरकार अतिरिक्त बफर स्टॉक बाजार में उतारकर त्वरित हस्तक्षेप करेगी ताकि मौसमी उतार-चढ़ाव को रोका जा सके।
उपभोक्ताओं और किसानों के हितों का संतुलन
मूल्य स्थिरीकरण तंत्र का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम उपभोक्ता को सस्ती दरों पर जरूरी खाद्य उत्पाद मिलें, वहीं किसानों को भी उनकी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सके। बाजार के रुख के अनुसार वितरण माध्यमों और कवरेज का विस्तार लगातार किया जा रहा है।