गौरव कोचर/पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) में चल रहे भारी सैन्य तनाव के बीच भारतीय जहाजों के रेस्क्यू और सुरक्षा को लेकर बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में उपजे ताजा संकट के बीच दो भारतीय कमर्शियल जहाजों—‘लीला वाडिनार’ (Leela Vadinar) और ‘महा रूस’ (Maha Roose)—ने कुवैत से कच्चा तेल (Crude Oil) लेकर इस बेहद खतरनाक रास्ते को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
हालांकि, इस बड़ी राहत के साथ ही चिंताएं अभी कम नहीं हुई हैं, क्योंकि 7 अन्य भारतीय जहाज अभी भी वहां फंसे हुए हैं, जिन पर सवार 149 भारतीय नाविकों की सुरक्षा दांव पर लगी है।
विस्तृत विवरण: कैसे मिली राहत और कहां फंसा है पेंच?
1. ‘लीला वाडिनार’ और ‘महा रूस’ की सुरक्षित वापसी
- ईरानी नौसेना का सामना: भारतीय जहाज ‘लीला वाडिनार’ कुवैत से 2.7 लाख टन कच्चा तेल लेकर आ रहा था। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात जब यह हॉर्मुज स्ट्रेट के पास पहुंचा, तो ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास ईरान की सेपाह नौसेना (Sepah Navy) ने इसे रोककर वापस मुड़ने का आदेश दे दिया था।
- सफल क्रॉसिंग: भारी तनाव और कूटनीतिक/सामरिक सक्रियता के बाद, आखिरकार ‘लीला वाडिनार’ इस संवेदनशील जलमार्ग से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा। इसके तुरंत बाद दूसरे भारतीय जहाज ‘महा रूस’ ने भी कुवैती क्रूड ऑयल के साथ हॉर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया।
2. 7 जहाज अभी भी फंसे, 149 नाविकों की सुरक्षा की चिंता
दो जहाजों के निकलने के बाद भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। खाड़ी (Persian Gulf) के अंदर अभी भी 7 भारत-बाउंड (भारत आने वाले) जहाज फंसे हुए हैं।
- जहाजों की स्थिति: इन 7 जहाजों में से 6 जहाज फर्टिलाइजर बल्क कैरियर (खाद ले जाने वाले जहाज) हैं। इनमें से एक जहाज पर लगभग 45,000 टन यूरिया लोड हो चुका है, जबकि बाकी जहाज अभी लोडिंग की प्रक्रिया में ही थे कि तभी तनाव बढ़ गया।
- 149 नाविकों पर खतरा: इन फंसे हुए जहाजों पर कुल 149 नाविक (Crew Members) सवार हैं। संघर्ष और गोलाबारी की आशंका के बीच इन नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत में उनके परिवारों और सरकार की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
आगे की राह और सरकार का रुख
क्षेत्र में अचानक संघर्ष दोबारा बढ़ने के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सामान्य आवाजाही एक बार फिर लगभग ठप हो गई है। इस वजह से फंसे हुए 7 जहाजों की निकासी में उम्मीद से ज्यादा देरी हो सकती है।
नई एडवाइजरी की तैयारी: बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार जल्द ही शिपिंग कंपनियों और नाविकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी कर सकती है। इसमें भारतीय नागरिकों को पश्चिम एशिया (West Asia) के इस रूट के लिए नए जहाज किराए पर लेने से बचने और क्षेत्र में मौजूद नाविकों को अत्यधिक सतर्क रहने की हिदायत दी जा सकती है। भारतीय नौसेना का ‘ऑपरेशन संकल्प’ इन 149 नाविकों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।