खाटूश्याम दर्शन को आए भोपाल के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: 3 वर्षीय मासूम रक्षम का अपहरण, पुलिस तलाश में जुटी
Edited By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 08,2025
(हरिप्रसाद शर्मा) सीकर/खाटूश्यामजी
राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल खाटूश्यामजी में निर्जला एकादशी के दिन दर्शन को आए एक भोपाल निवासी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। श्रद्धा से भरे इस धार्मिक माहौल में एक मां और दादी की आंखों के सामने उनका तीन साल का मासूम बेटा रक्षम गायब हो गया। अपहरणकर्ता मासूम को लेकर फरार हो गया और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया है।
अनजान व्यक्ति की बातों में फंसा परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के भोपाल निवासी ललिता जाटव अपने बेटे रक्षम और मां आशा देवी के साथ 6 जून को खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जयपुर आई थीं। जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर उन्हें एक अनजान व्यक्ति मिला, जिसने स्वयं को खाटूश्यामजी दर्शनार्थी बताया। बातों-बातों में उसने परिवार का विश्वास जीत लिया और साथ ही खाटू की ओर रवाना हो गया।
दर्शन के दौरान मासूम को सौंपा अनजान व्यक्ति को
रींगस के डीएसपी संजय बोथरा के अनुसार, परिवार खाटूश्याम मंदिर के नजदीक लगदादार ग्राउंड पर पहुंचा। वहां मां और दादी ने मंदिर में दर्शन करने की योजना बनाई। भीड़भाड़ के चलते उन्होंने मासूम रक्षम को उस अनजान व्यक्ति को सौंप दिया, जिसने पहले ही भरोसा जीत लिया था। उसने यह कहकर बच्चा ले लिया कि वह रोएगा नहीं और वह उसके साथ सुरक्षित रहेगा।
दर्शन कर लौटे तो बच्चा गायब
जब ललिता और आशा देवी मंदिर के दर्शन कर बाहर आईं, तो न तो वह व्यक्ति नजर आया और न ही तीन वर्षीय मासूम रक्षम। परिवार घबरा गया और तुरंत मंदिर प्रशासन व पुलिस को सूचना दी। रींगस थाना पुलिस ने तत्परता से अपहरण का मुकदमा दर्ज किया और बच्चे की तलाश में तेजी से कार्रवाई शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज में नजर आया आरोपी
खाटूश्याम मंदिर परिसर व आस-पास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को कुछ ऐसे फुटेज मिले हैं, जिनमें वह संदिग्ध व्यक्ति बच्चे को लेकर जाते हुए नजर आ रहा है। फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्ति के हुलिए के आधार पर पुलिस ने संभावित रूट पर नाकाबंदी की है।
जयपुर रेलवे स्टेशन पर मिला सुराग
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जयपुर रेलवे स्टेशन पर ही उक्त संदिग्ध ने मां और दादी को अपने जाल में फंसाया था। यहीं से उसकी योजना की शुरुआत मानी जा रही है। पुलिस ने जयपुर, सीकर, रींगस और आसपास के रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और धर्मशालाओं पर अलर्ट जारी कर दिया है।
आठ टीमें तलाश में जुटीं
पुलिस ने रैंक और संसाधनों के अनुसार आठ टीमें बनाई हैं, जो बच्चे और अपहरणकर्ता की तलाश में लगी हैं। बच्चे की सुरक्षित वापसी के लिए ड्रोन, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया टीमों की भी मदद ली जा रही है।
परिवार का बुरा हाल, प्रशासन से अपील
बच्चे के गायब होने के बाद से मां ललिता और दादी आशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार एक ही सवाल पूछ रही हैं – “क्या हमारा बच्चा वापस मिल पाएगा?”
उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके मासूम को जल्द से जल्द खोजा जाए।

