हरि प्रसाद शर्मा
अजमेर। राजस्थान पुलिस की खाकी को दागदार करने वाले एक बेहद गंभीर मामले में अजमेर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। महिला कांस्टेबल से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपए की ठगी के आरोपी निलंबित कांस्टेबल मुकेश सारण को अजमेर पुलिस अधीक्षक (एसपी) हर्षवर्धन अग्रवाला ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहे आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी पर एसपी ने 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि आरोपी के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
मुख्य बिंदु:
- कड़ी कार्रवाई: निलंबित कांस्टेबल मुकेश सारण पुलिस सेवा से बर्खास्त, गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित।
- गंभीर आरोप: महिला कांस्टेबल से नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म, गर्भपात कराने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप।
- वित्तीय धोखाधड़ी: पीड़िता को डरा-धमकाकर करीब 28 लाख रुपए ऐंठे, लोन पर कार ली और सोने के गहने गिरवी रखवाए।
- पॉक्सो एक्ट में मामला: पीड़िता के नाबालिग बेटे के सामने अश्लील हरकतें करने पर आरोपी के परिजनों सहित अन्य पर भी केस दर्ज।
एसपी बोले- “गंभीर प्रकृति का है मामला, लगातार दी जा रही दबिश”
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि यह प्रकरण बेहद संवेदनशील और गंभीर प्रकृति का है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी सिपाही लगातार फरार चल रहा है। निलंबन की अवधि के दौरान भी वह ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में कड़ा संदेश देते हुए उसे सेवा से बर्खास्त करने की विभागीय कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले की जांच सीओ नॉर्थ शिवम जोशी कर रहे हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
2018 से शुरू हुआ था शोषण का खौफनाक खेल
पीड़ित महिला कांस्टेबल ने गत 6 मई को अजमेर के संबंधित थाने में अपनी आपबीती बताते हुए मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में जिला विशेष टीम (DST) में तैनाती के दौरान आरोपी कांस्टेबल मुकेश सारण ने पहले महिला कांस्टेबल का विश्वास जीता और उसके निजी जीवन में दखल बढ़ाना शुरू किया।
आरोप है कि एक दिन मुकेश सारण ने अपनी बहन के सरकारी आवास पर महिला कांस्टेबल को नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी ने चोरी-छिपे उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए, जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करने लगा।
डरा-धमकाकर ऐंठे 28 लाख रुपए, गहने भी रखवाए गिरवी
ब्लैकमेलिंग के इस जाल में फंसाकर आरोपी ने महिला कांस्टेबल को आर्थिक रूप से भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2020 से 2025 के बीच आरोपी ने उससे करीब 28 लाख रुपए वसूल लिए। आरोपी ने महिला कांस्टेबल के नाम पर बैंक से लोन उठवाकर खुद के लिए कार खरीदी और प्रॉपर्टी में निवेश करने के नाम पर भी लाखों रुपए हड़प लिए। इतना ही नहीं, आरोपी और उसके परिजनों ने महिला के सोने के गहने भी बैंक में गिरवी रखवा दिए और उस पर गोल्ड लोन ले लिया।
गर्भपात करवाया, नाबालिग बेटे के सामने की अश्लील हरकतें
पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में रूह कंपा देने वाले आरोप लगाए हैं। आरोपी ने जबरन महिला कांस्टेबल का गर्भपात भी करवाया। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने नशे की हालत में महिला के घर पहुंचकर उसके नाबालिग बेटे के सामने ही अश्लील हरकतें कीं।
परिजनों पर भी मुकदमा दर्ज: इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मुकेश सारण के अलावा उसकी इस करतूत में साथ देने वाले उसके भाई, बहन, पत्नी और जीजा सहित अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी समेत सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।