75वीं वार्षिक साधारण सभा में बोले वी. श्रीनिवास— स्टील ग्रेड लाइमस्टोन और रॉक फास्फेट के एकाधिकार का मिले लाभ
| नरेश गुनानी
जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव एवं आरएसएमएम के चेयरमैन वी. श्रीनिवास ने राजस्थान स्टेट माइंस एवं मिनरल (आरएसएमएम) को खनिज खनन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी को अपनी लाभदायकता, वार्षिक कारोबार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रदेश के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।
देशभर में एकाधिकार का उठाएं लाभ
मंगलवार को शासन सचिवालय के चिंतन कक्ष में आयोजित आरएसएमएम की 75वीं वार्षिक साधारण सभा (AGM) और संचालक मण्डल की 421वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि:
- लाइमस्टोन और रॉक फास्फेट: इन खनिजों के उत्पादन में आरएसएमएम का पूरे देश में लगभग एकाधिकार है। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए बाजार में अपनी पकड़ और अधिक मजबूत करनी होगी।
- उत्पादन लक्ष्य: वर्तमान में सालाना 35 लाख टन लाइमस्टोन का उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2024-25 में कुल 62 लाख टन खनिजों का उत्पादन किया गया, जबकि इस वर्ष नवंबर माह तक ही 39 लाख टन का आंकड़ा छुआ जा चुका है।
- जिप्सम और लिग्नाइट: मुख्य सचिव ने इन दोनों खनिजों के उत्पादन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
स्वर्ण जयंती पर बनेगी फिल्म और कॉफी टेबल बुक
आरएसएमएम के गौरवशाली 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वी. श्रीनिवास ने संस्थान की यात्रा और गतिविधियों पर आधारित एक विशेष फिल्म और ‘कॉफी टेबल बुक’ तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने खनन क्षेत्रों के सामाजिक और बुनियादी विकास में भी कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यों में विविधीकरण और आक्रामक मार्केटिंग की जरूरत
बैठक में प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने कहा कि कंपनी को अब पुराने ढर्रे से निकलकर नए क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशनी होंगी।
- उन्होंने सुझाव दिया कि जैसलमेर में उपलब्ध स्टील ग्रेड लाइमस्टोन की स्टील उद्योगों में मांग के अनुसार आपूर्ति बढ़ाई जाए।
- खेती में उपयोगी रॉक फास्फेट के विपुल भंडारों का सही दोहन और आक्रामक मार्केटिंग की जाए।
- सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता न करते हुए उत्पादन बढ़ाया जाए।
कल्याणकारी और खेल गतिविधियां
आरएसएमएम की प्रबंध निदेशक प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि संस्थान के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वास्थ्य जांच और रक्तदान शिविर जैसे जनहितकारी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हर वर्ष जनवरी में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी और 26 जनवरी को विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
उच्चाधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार और प्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया ने भी हिस्सा लिया और भविष्य की कार्ययोजनाओं के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

