खनिजों के विशाल ढेरों में तलाशेंगे बेशकीमती खनिज — रिसाइकलिंग तकनीक से व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में बढ़ेंगे कदम : प्रमुख शासन सचिव, खान विभाग
28 अगस्त 2025, 06:41 PM लोकेंद्र सिंह शेखावत, टेलीग्राफ टाइम्स।
जयपुर, 28 अगस्त। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने कहा कि प्रदेश में खनिजों के विशाल ढेरों में बेशकीमती क्रिटिकल और रणनीतिक खनिजों की संभावनाओं को तलाश कर रिसाइकलिंग तकनीक से डम्प्स में उपलब्ध खनिज संपदा के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के खनन क्षेत्रों में खनिज डम्प्स के विशाल ढेर मौजूद हैं। इनके वैज्ञानिक अध्ययन के लिए आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी धनबाद से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मिनरल एक्सप्लोरेशन में एआईएमएल तकनीक का उपयोग करते हुए जीरो लॉस-जीरो डिफेक्ट एक्सप्लोरेशन पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। राजस्थान खनिजों का म्यूजियम कहलाने योग्य है और खनिज सेक्टर में असीम संभावनाएं हैं।
प्रमुख सचिव गुरुवार को जयपुर में आयोजित ईटी बिजनेस समिट में अनलीशिंग राजस्थान्स मिनरल वेल्थः पाथवेज फॉर सस्टेनेबल माइनिंग, स्टोन एंड सीमेंट इंडस्ट्रीज विषय पर कीनोट संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशोन्मुख खनिज नीति, एम-सेंड पॉलिसी और सीजीडी पॉलिसी लागू करने और प्रक्रियाओं के सरलीकरण का ही परिणाम है कि माइनिंग सेक्टर में निवेशक लगातार आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व खान मंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रोडमैप बनाकर तेजी से कार्य कर रही है। सीजीडी नीति लागू करने के साथ ही अब तक साढ़े चार लाख परिवारों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाई गई है, जिसे 2030 तक 80 लाख परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए समयबद्ध अनुमतियां और आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई जा रही है।
पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र में गिरते उत्पादन को देखते हुए नई तकनीक से उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रिफाइनरी को अगले तीन-चार महीनों में शुरू कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और रीको द्वारा पेट्रोजोन विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार अब खनिज आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को प्रदेश में ही स्थापित कराने और नवीनतम तकनीक से सस्टेनेबल माइनिंग पर जोर दे रही है।
रविकान्त ने बताया कि राजस्थान में कुल 82 प्रकार के खनिज हैं, जिनमें से अभी केवल 58 प्रकार के खनिजों का ही खनन हो रहा है। अन्य खनिजों की संभावनाओं की तलाश और एक्सप्लोरेशन के प्रयासों को तेज किया जा रहा है। रोडमैप बनाकर खनिज खोज कार्य को गति दी जा रही है और योजनाबद्ध ढंग से खनन के सभी क्षेत्रों में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। मेजर मिनरल्स के ऑक्शन में राजस्थान देश में पहले पायदान पर है।
पैनल डिस्कशन के दौरान एमईसीएल के सीएमडी इन्द्र देव नारायण, आईबीएम के क्षेत्रीय निदेशक चन्द्रेश बोहरा, बिरला कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी संदीप घोष और स्टार सीमेंट के कार्यकारी निदेशक पंकज केजरीवाल ने भी राजस्थान में सस्टेनेबल माइनिंग की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। सत्र का संचालन हिमांशी तिवारी ने किया।