घरघोड़ा (रायगढ़) | गनपत चौहान | एसईसीएल (SECL) रायगढ़ क्षेत्र के सुरक्षा विभाग और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) के अधिकारियों के बीच सोमवार को बरौद में एक महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कोयला खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना, अवैध गतिविधियों व चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाना और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
बैठक में मुख्य रूप से बरौद, बिजारी एवं जामपाली ओपन कास्ट माइंस (OCM) की सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
सुरक्षा रणनीति और आपसी समन्वय पर घंटों मंथन
आयोजित संयुक्त बैठक में एसईसीएल सुरक्षा बल और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के बीच आपसी समन्वय (Coordination) को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर घंटों विस्तृत चर्चा हुई और सहमति बनी:
- क्विक रिस्पांस टीम (QRT): किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम को और अधिक मुस्तैद व सक्रिय करने का निर्णय लिया गया।
- रात्रि गश्त (Night Patrol): खदान क्षेत्रों में रात के समय होने वाली संभावित चोरी रोकने के लिए रात्रि गश्त को और अधिक सघन बनाने की रणनीति तय की गई।
- संसाधन और वाहन उपलब्धता: गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक वाहनों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में दोनों ही विभागों के शीर्ष और जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे:
- एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र सुरक्षा विभाग से: क्षेत्रीय सिक्योरिटी इंचार्ज रमेश दास महंत, जामपाली ओसीपी के सिक्योरिटी इंचार्ज मुकेश कुमार मंडल, क्षेत्रीय मुख्यालय के सुरक्षा सुपरवाइजर साधु बी. पी. एवं प्रधान सुरक्षा प्रहरी ननकी बाबू सिदार।
- त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) बरौद कैम्प से: कैम्प प्रभारी सूबेदार तारणी एस. जमातिया, नायब सूबेदार यशपाल सिंह नेगी, मान सिंह राणा एवं सीएचएम पी. एन. सरकार सहित अन्य बल सदस्य।
“सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं”: सुरक्षा इंचार्ज
रायगढ़ क्षेत्रीय सुरक्षा इंचार्ज रमेश दास महंत ने बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि खदानों में चोरी और अवैध प्रवेश जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा:
“कोयला खदानों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। चोरी को हर हाल में रोका जाएगा और खदानों की सुरक्षा व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।”
बैठक के अंत में दोनों ही बलों ने मिलकर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आपसी सामंजस्य के साथ खदानों की सुरक्षा को नया आयाम देने का संकल्प लिया।