नरेश गुनानी
विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड की तीसरी गवर्निंग बैठक में आगामी कार्ययोजना पर चर्चा; पर्यावरण दिवस पर किया गया वृक्षारोपण
जयपुर, 5 जून। Vishwakarma कौशल विकास बोर्ड की तीसरी गवर्निंग बोर्ड की बैठक शुक्रवार को बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार की अध्यक्षता में आरएसएलडीसी के सभागार में आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्वरोजगार प्रोत्साहन और विभिन्न चालू प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई, साथ ही भविष्य की योजनाओं का खाका तैयार किया गया।
पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने युवाओं को अधिक से अधिक रोजगारोन्मुखी (रोजगार दिलाने वाले) प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय की मांग को देखते हुए हमारे पारंपरिक कौशलों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना बेहद जरूरी है। इससे न केवल स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, बल्कि युवा वर्ग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेगा। सुथार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बोर्ड का अंतिम लक्ष्य हर हाथ को हुनर देकर युवाओं के लिए बेहतर और सुरक्षित रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘हरित राजस्थान’ का संदेश
गवर्निंग बोर्ड की बैठक के बाद विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बोर्ड कार्यालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अध्यक्ष रामगोपाल सुथार सहित वहां मौजूद तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया और आमजन को पर्यावरण संरक्षण एवं ‘हरित राजस्थान’ के निर्माण का संदेश दिया।
इस मौके पर सुथार ने पर्यावरण के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
”पर्यावरण की रक्षा करना देश के प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण को महज एक दिन का सरकारी कार्यक्रम या औपचारिकता नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक निरंतर चलने वाला संकल्प है।”
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाएं और केवल लगाएं ही नहीं, बल्कि उनके बड़े होने तक उनका पूरा संरक्षण भी करें।
कई विभागों के उच्च अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रशासनिक स्तर पर योजनाओं को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के आयुक्त एवं प्रबंध निदेशक ऋषभ मंडल ने बोर्ड की वर्तमान गतिविधियों, उपलब्धियों और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सामने रखी।
वहीं, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा सहित राज्य सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चर्चा में भाग लिया। इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विभागीय समन्वय पर चर्चा की:
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
- अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग
- उद्योग विभाग
- जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग
- तकनीकी शिक्षा विभाग
- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग
- कृषि विभाग
- महिला एवं बाल विकास विभाग