बरौद कालरी / रायगढ़,/ गनपत चौहान/कोल इंडिया (CIL) के लाखों श्रमिकों के राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (NCWA-XII) के लिए ‘संयुक्त मोर्चा’ ने बिगुल फूंक दिया है। ‘संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठनों’ (इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के रायगढ़ क्षेत्र अंतर्गत जामपाली खुली खदान के प्रबंधक कार्यालय के समक्ष सुबह की प्रथम शिफ्ट में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और गेट मीटिंग का आयोजन किया गया।
श्रमिक संगठनों का साफ कहना है कि यदि प्रबंधन और सरकार ने जल्द ही JBCCI-12 (संयुक्त द्विपक्षीय कोयला वेतन समिति) का गठन नहीं किया, तो कोयला खदानों में कामकाज ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
30 जून को समाप्त हुआ पुराना समझौता, प्रबंधन पर टालमटोल का आरोप
गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (SEKMC) इंटक के रायगढ़ जिला महासचिव सह क्षेत्रीय संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्य मुकेश कुमार मंडल ने प्रबंधन और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने बताया:
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- मियाद खत्म: राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-11 (NCWA-XI) की अवधि 30 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है।
- लागू करने की तिथि: नया वेज बोर्ड-12 (NCWA-XII) 01 जुलाई 2026 से प्रभावी होना है।
- प्रबंधन का अड़ियल रुख: नया वेतन समझौता लागू होने की तारीख बीत जाने के बाद भी प्रबंधन द्वारा अब तक JBCCI-12 के गठन के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर मजदूर विरोधी रवैया है।
”सरकार चार नए श्रम कोड लाकर श्रमिकों के वर्षों पुराने अधिकारों को छीनना चाहती है और यूनियनों को कमजोर करने की साजिश रच रही है। अगर अविलंब वेज बोर्ड-12 का गठन नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र करते हुए श्रमिक हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।”
— मुकेश कुमार मंडल, वरिष्ठ मजदूर नेता
श्रम संगठनों का संयुक्त मोर्चा आया सामने
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें कोयला उद्योग के चारों प्रमुख श्रम संगठनों ने एकजुटता दिखाई। नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों का जवाब केवल मिलकर ही दिया जा सकता है।
प्रदर्शन को संबोधित करने वाले मुख्य नेता:
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- इंटक (INTUC): अटल बिहारी नायक (सदस्य, क्षेत्रीय सुरक्षा समिति), नोमेश कुमार डनसेना, रविकांत मनहर, ईश्वर प्रसाद साकेत।
- सीटू (CITU): विद्याधर पटेल।
- एटक (AITUC): देवराम वर्मा।
- एचएमएस (HMS): मुरलीधर महंत।
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आगे की रणनीति: चक्का जाम और हड़ताल की चेतावनी
सभा के अंत में संयुक्त मोर्चे के नेताओं ने चेतावनी दी कि रायगढ़ क्षेत्र की जामपाली खदान से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अभी सिर्फ एक शुरुआत है। यदि कोल इंडिया प्रबंधन ने जल्द ही वेतन विसंगतियों और नए वेज बोर्ड के गठन पर आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए, तो पूरे सीआईएल (CIL) की सहायक कंपनियों में डिस्पैच और उत्पादन को पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इस दौरान खदान के प्रथम शिफ्ट के सैकड़ों श्रमिक और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।