कोलकाता गैंगरेप पर भाजपा सख्त, चार सदस्यीय जांच समिति गठित
नई दिल्ली/कोलकाता, 28 जून 2025
Written By: प्रीति बालानी Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 28,2025
कोलकाता में कलकत्ता लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना ने देशभर में आक्रोश फैला दिया है। इस गंभीर घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तत्काल प्रतिक्रिया दी है और शनिवार को एक चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जो मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेगी और रिपोर्ट सौंपेगी।
🔍 भाजपा की जांच समिति में कौन-कौन?
भाजपा द्वारा गठित इस टीम में पार्टी के चार वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जो महिला सुरक्षा और सामाजिक मामलों पर सक्रिय रूप से कार्यरत रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच समिति में निम्नलिखित नामों को शामिल किया गया है:
- अलका गुर्जर – भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- संगीता सिंहदेव – सांसद और महिला अधिकारों पर मुखर वक्ता
- तापसी रॉय – बंगाल भाजपा की वरिष्ठ नेता
- नीरज शर्मा – भाजपा युवा मोर्चा के प्रतिनिधि
📍 जांच का उद्देश्य:
भाजपा का कहना है कि पश्चिम बंगाल सरकार इस जघन्य अपराध की लीपापोती करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा:
“ममता बनर्जी की सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।”
भाजपा की यह समिति:
- पीड़िता के परिवार से मिलेगी
- कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बात करेगी
- घटना स्थल का निरीक्षण करेगी
- और विस्तृत रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी
📢 सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस घटना को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने ममता सरकार पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा पर “घटना का राजनीतिकरण” करने का आरोप लगाया है।
टीएमसी प्रवक्ता ने कहा:
“जांच चल रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा सिर्फ बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।”
🧩 पुलिस की अब तक की कार्रवाई
कोलकाता पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
पीड़िता को मेडिकल जांच के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने बंगाल की राजनीति और सामाजिक माहौल दोनों को झकझोर दिया है। भाजपा की चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट से इस मामले में कई नए खुलासे संभव हैं, वहीं राज्य सरकार पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है कि वह सख्त कदम उठाए और पीड़िता को न्याय दिलाए।

