कोयला मंत्रालय ने पांच राज्यों में कोयला ब्लॉकों की प्रगति पर की विस्तृत समीक्षा

कोयला मंत्रालय ने पांच राज्यों में कोयला ब्लॉकों की प्रगति पर की विस्तृत समीक्षा

मध्य प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात के 39 कोयला ब्लॉकों की हुई समीक्षा

By : गौरव कोचर 
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 11,2025

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025 (PIB):
कोयला मंत्रालय ने आज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर मध्य प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात में आवंटित कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों की मौजूदा स्थिति, परिचालन उपलब्धियों और चुनौतियों का आकलन किया। बैठक की अध्यक्षता मंत्रालय की अपर सचिव एवं नामित प्राधिकारी (AS & NA) सुश्री रूपिंदर बरार ने की।

बैठक में कोयला ब्लॉक आवंटियों, केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान कोयला उत्पादन को बढ़ावा देने, बाधाओं को दूर करने और घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

39 कोयला ब्लॉकों की हुई जांच

समीक्षा के तहत कुल 39 कोयला ब्लॉकों की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई, जिनमें—

  • मध्य प्रदेश : 33 ब्लॉक
  • असम : 2 ब्लॉक
  • अरुणाचल प्रदेश : 1 ब्लॉक
  • तेलंगाना : 1 ब्लॉक
  • गुजरात : 2 ब्लॉक

उत्पादन की मौजूदा स्थिति

बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश में 13 कोयला ब्लॉक परिचालन में हैं, जिनमें से 9 ब्लॉक उत्पादन कर रहे हैं। वहीं तेलंगाना का 1 कोयला ब्लॉक भी सक्रिय उत्पादन में है।

  • वित्त वर्ष 2024-25 में कुल उत्पादन: 34.80 मिलियन टन
  • वित्त वर्ष 2025-26 (31 जुलाई 2025 तक): 10.80 मिलियन टन का उत्पादन पहले ही हो चुका है

शेष ब्लॉकों को तेजी से शुरू करने पर जोर

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि शेष 25 कोयला ब्लॉकों को जल्द से जल्द परिचालन में लाने की आवश्यकता है, ताकि—

  • घरेलू कोयला आपूर्ति को मजबूत किया जा सके
  • आयात पर निर्भरता कम हो
  • बढ़ती ऊर्जा मांगों की पूर्ति हो

सतत और निर्बाध आपूर्ति का लक्ष्य

कोयला मंत्रालय ने दोहराया कि—

  • निर्बाध कोयला उत्पादन
  • आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को दूर करना
  • संसाधनों का कुशल उपयोग
    — इन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्रालय ने हितधारकों के साथ मिलकर कोयला परिसंपत्तियों की पूरी क्षमता का दोहन और सतत क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक के अंत में मंत्रालय ने यह भी कहा कि कोयला खनन में प्रगति आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी और इसके लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।


 

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