नरेश गुनानी
कोटा | 22 अप्रैल, 2026
शिक्षा नगरी कोटा अब प्रदूषण मुक्त हरित ऊर्जा की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (RSGL) ने कोटा शहर के लगभग 70 हजार परिवारों को पाइपलाइन से घरेलू गैस (DPNG) सेवाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा (Infrastructure) तैयार कर लिया है।
कोटा कलेक्टर पीयूष समरिया ने आज आरएसजीएल के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस परियोजना की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन जारी किए जाएं।
कॉलोनियां बनेंगी ‘LPG फ्री जोन’
कलेक्टर पीयूष समरिया ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों को धीरे-धीरे एलपीजी सिलेंडर से मुक्त कर ‘एलपीजी फ्री जोन’ घोषित करना है। इसके लिए उन्होंने आरएसजीएल को निम्नलिखित कार्ययोजना पर काम करने के निर्देश दिए:
- जागरूकता शिविर: विभिन्न कॉलोनियों में शिविर लगाकर नागरिकों को डीपीएनजी के फायदों और सुरक्षा पहलुओं की जानकारी देना।
- औद्योगिक विस्तार: औद्योगिक क्षेत्रों में भी सीएनजी और पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत प्लान तैयार करना।
- त्वरित कनेक्शन: आधारभूत सुविधा विकसित होने के तुरंत बाद बिना किसी देरी के घरेलू कनेक्शन प्रदान करना।
सस्ती, सुरक्षित और निरंतर सेवा
आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने बैठक में बताया कि पाइपलाइन गैस (DPNG) न केवल सस्ती है, बल्कि यह बेहद सुरक्षित भी है। यह सेवा उपभोक्ताओं को 24×7 बिना किसी रुकावट के उपलब्ध रहेगी, जिससे सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी मिलेगा लाभ
प्रबंध निदेशक ने जानकारी दी कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कोटा के उद्योगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, हॉस्टल्स, ढाबों और रेस्टोरेंट्स को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इससे कोटा के व्यावसायिक ढांचे को भी किफायती और स्वच्छ ईंधन प्राप्त होगा।
प्रशासनिक उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान आरएसजीएल के उपमहाप्रबंधक (कोटा) सीपी चौधरी, उपमहाप्रबंधक (मार्केटिंग) विवेक रंजन और उपमहाप्रबंधक (सीएनपी) विवेक श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि कोटा शहर को गैस ग्रिड से पूरी तरह कवर करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।