कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
जयपुर, 19 सितम्बर 2025, गणेश शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा एवं संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश में विश्वस्तरीय खेल प्रतिभाओं को विकसित करने, मेडिकल शिक्षा को सुलभ बनाने, ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और पेंशन नियमों को संवेदनशील बनाने से जुड़े कई अहम फैसले इस बैठक में लिए गए।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी विधेयक-2025
कैबिनेट ने ‘द महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जयपुर बिल-2025’ के प्रारूप को मंजूरी दी, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष 2024-25 के बजट में घोषित इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य खेलों और शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। यहां प्रतिभाशाली युवाओं को आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। यह विश्वविद्यालय खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेन्स एनालिटिक्स पर शोध को बढ़ावा देगा और उच्चस्तरीय कोच व विशेषज्ञ तैयार करेगा। नवीनतम स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस यह संस्थान हाई-परफॉर्मेन्स ट्रेनिंग सेंटर के रूप में कार्य करेगा और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर निखारने में सहायक होगा।
मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटा फीस में संशोधन
राजमेस मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई सीटों की फीस को तर्कसंगत बनाते हुए कैबिनेट ने संशोधन का निर्णय लिया। अब एनआरआई कोटा की फीस मैनेजमेंट कोटा की फीस का ढाई गुना होगी। इससे फीस घटकर लगभग 23.93 लाख रुपए प्रतिवर्ष रह जाएगी, जो निजी मेडिकल कॉलेजों की औसत फीस के करीब है। इस कदम से प्रतिभाशाली एनआरआई विद्यार्थी सरकारी कॉलेजों की ओर आकर्षित होंगे और राजमेस सोसायटी को प्रतिवर्ष लगभग 45 करोड़ रुपए अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। अब तक अधिक फीस के कारण एनआरआई सीटें खाली रह जाती थीं, जिन्हें बाद में कम फीस वाले मैनेजमेंट कोटा में परिवर्तित करना पड़ता था, जिससे राजस्व की हानि होती थी।
सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन
कैबिनेट ने 5,200 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं हेतु सशर्त कीमतन भूमि आवंटन को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं से प्रदेश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
पारिवारिक पेंशन नियमों में संशोधन
बैठक में राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 में संशोधन किया गया। अब दिवंगत कार्मिक के माता-पिता को भी 50 प्रतिशत तक पारिवारिक पेंशन का लाभ मिल सकेगा। पहले यह प्रावधान केवल 30 प्रतिशत तक सीमित था। इसके अलावा, नियम 67 में संशोधन कर यह व्यवस्था की गई है कि मानसिक या शारीरिक निशक्तता से ग्रसित पुत्र या पुत्री को विवाह उपरांत भी पारिवारिक पेंशन प्राप्त होती रहेगी।
पर्यटन एवं पुरातत्व विभागों में पदोन्नति के अवसर
कैबिनेट ने राजस्थान पर्यटन सेवा नियम, 1976 में संशोधन कर वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक पद पर पदोन्नति का प्रावधान तय किया। वहीं, राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय सेवा नियम, 1960 में संयुक्त निदेशक (पे लेवल-18) के नवसृजित पद को शामिल करने की भी मंजूरी दी गई।

