केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने त्रिपुरा सरकार के साथ विद्युत क्षेत्र और शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा की

अगरतला /  आसिम अमिताव बिस्वाल 

केंद्रीय विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में राज्य के विद्युत क्षेत्र और शहरी विकास योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य त्रिपुरा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार लाना और स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों को बढ़ावा देना था।

​इस अहम बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और राज्य के विद्युत मंत्री सहित भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, राज्य सरकार और विद्युत क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

​बिजली क्षेत्र में सुधार और घाटे को कम करने पर जोर

​बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उन प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया जहाँ राज्य का विद्युत विभाग और पीएसयू (PSUs) एक ठोस कार्ययोजना के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। बैठक में मुख्य रूप से पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) और डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनियों) के परिचालन व वित्तीय मापदंडों पर चर्चा की गई।

​केंद्रीय मंत्री ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही:

  • घाटे में कमी: समग्र तकनीकी और वाणिज्यिक (AT&C) घाटे को कम करना बेहद जरूरी है।
  • वित्तीय प्रदर्शन: डिस्कॉम के वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
  • राजस्व संग्रह: राजस्व संग्रह में सुधार की आवश्यकता है, जिसके लिए सरकारी उपभोक्ताओं और संस्थानों के यहाँ लगे मीटरों को प्राथमिकता के आधार पर प्रीपेड मोड में बदला जाना चाहिए।

​स्मार्ट मीटरिंग के लिए त्रिपुरा सरकार की समय-सीमा

​केंद्रीय मंत्री ने राज्य में स्मार्ट मीटरिंग की प्रगति की भी समीक्षा की और इसे जल्द से जल्द लागू करने की सलाह दी। इस पर त्रिपुरा सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए:

  1. अगस्त 2026 तक: सभी सरकारी उपभोक्ताओं के मीटरों को प्रीपेड में बदल दिया जाएगा।
  2. जुलाई 2027 तक: स्मार्ट मीटर से जुड़े अन्य सभी शेष कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।

​पारेषण क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार

​राज्य में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने संसाधनों की पर्याप्तता और अंतर-राज्यीय पारेषण योजना की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राज्य को सलाह दी कि पारेषण (ट्रांसमिशन) क्षमता में वृद्धि, बिजली की मांग में हो रही बढ़ोतरी के अनुरूप होनी चाहिए। त्रिपुरा सरकार ने इस योजना के तहत अंतर-राज्यीय पारेषण बुनियादी ढांचे के त्वरित विस्तार के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

​सौर ऊर्जा योजनाओं को रफ्तार देने का संकल्प

​बैठक में पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने राज्य को सलाह दी कि वे इन दूर-दराज और कम सुविधा वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुँचाने के लिए इन योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं।

बड़ा लक्ष्य: त्रिपुरा सरकार ने मार्च 2027 तक 2 लाख उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर (छत पर सौर पैनल) लगाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इससे उपभोक्ताओं की बिजली लागत में भारी कमी आएगी।

 

​आत्मनिर्भरता का लक्ष्य और केंद्र का सहयोग

​केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उल्लेख किया कि अगर राज्य की डिस्कॉम को वित्तीय रूप से व्यावहारिक और आत्मनिर्भर बनाना है, तो इसके लिए किए जा रहे ईमानदार प्रयास ही सबसे मददगार साबित होंगे। उन्होंने त्रिपुरा के समग्र विकास के लिए भारत सरकार की ओर से निरंतर समर्थन और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

​दूसरी ओर, मुख्यमंत्री माणिक साहा ने केंद्र सरकार को आश्वस्त किया कि राज्य के लिए स्वीकृत सभी कार्यों को समय पर पूरा करने और विद्युत क्षेत्र के समग्र प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए त्रिपुरा सरकार हर संभव और आवश्यक कदम उठाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related