केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने किया जेएलएन अस्पताल का निरीक्षण — बेहतर उपचार व स्वच्छता पर दिए सख्त निर्देश
हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर •
19 अक्टूबर 2025 | अजमेर।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री तथा अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने रविवार शाम अजमेर स्थित जेएलएन अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, लेबर रूम, दवा वितरण केंद्र और प्रयोगशाला की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायज़ा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री चौधरी ने मरीजों से संवाद कर उनके उपचार, सुविधाओं और अस्पताल प्रबंधन से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने रोगियों की शिकायतें व सुझाव ध्यानपूर्वक सुने और कहा कि “मरीजों को बेहतर उपचार देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री ने अस्पताल के चिकित्सकों व प्रबंधन अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मानव संसाधन, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की।
मंत्री चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- हर मरीज को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील उपचार मिले।
- अस्पताल परिसर में स्वच्छता और अनुशासन का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए।
- चिकित्सा कर्मी मरीजों के प्रति सहानुभूति और मानवीय व्यवहार अपनाएं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा संबंध आमजन के जीवन की गुणवत्ता से है, इसलिए चिकित्सा संस्थान केवल उपचार केंद्र नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के केंद्र होने चाहिए।
जनस्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने पर जोर
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि—
- दवा वितरण प्रणाली को और पारदर्शी एवं सुचारु बनाया जाए।
- सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि किसी भी मरीज या परिजन को असुविधा न हो।
- अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह महसूस हो कि यह “जनसेवा का केंद्र” है, न कि केवल एक उपचार स्थल।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन के अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
मंत्री चौधरी ने कहा कि जेएलएन अस्पताल अजमेर और आसपास के जिलों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं राजस्थान में स्वास्थ्य सेवा का आदर्श मॉडल बननी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मरीज संतुष्ट हैं, तो वही किसी भी अस्पताल की असली सफलता है।