केंद्रीय बजट 2026-27: राजस्थान ने रखी 5,000 करोड़ की जल परियोजनाओं और जयपुर एम्स की मांग

केंद्रीय बजट 2026-27: राजस्थान ने रखी 5,000 करोड़ की जल परियोजनाओं और जयपुर एम्स की मांग

| नरेश गुनानी

​जयपुर/नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026 राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में राज्य का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को आधार बनाते हुए राजस्थान की बुनियादी ढांचागत और वित्तीय प्राथमिकताओं का खाका पेश किया।

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​जल सुरक्षा: राष्ट्रीय परियोजनाओं पर जोर

​उपमुख्यमंत्री ने राज्य में पेयजल और सिंचाई संकट के समाधान के लिए केंद्र से बड़े वित्तीय सहयोग की अपील की:

  • ​ERCP (पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक): इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने और इसके लिए 5,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की मांग की गई।
  • ​यमुना जल संवहन परियोजना: शेखावाटी क्षेत्र के लिए इस परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देने और 200 करोड़ रुपये आवंटित करने का आग्रह किया गया।
  • ​सूक्ष्म सिंचाई: ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत 900 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मांगी गई।

​बुनियादी ढांचा और शहरी विकास

​सड़क और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए उपमुख्यमंत्री ने निम्नलिखित प्रस्ताव रखे:

  • ​वर्ष 2018 में घोषित 50 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र अधिसूचित करने की मांग।
  • ​ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ (VGF) का अनुरोध।
  • ​अमृत 2.0 मिशन की समय सीमा को मार्च 2028 तक बढ़ाने का सुझाव।

​स्वास्थ्य और पर्यटन: नए आयाम

​दिया कुमारी ने राजस्थान को वैश्विक पर्यटन और स्वास्थ्य हब बनाने की दिशा में केंद्र का ध्यान आकर्षित किया:

  • ​जयपुर में एम्स (AIIMS): राजधानी जयपुर में नए एम्स की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया।
  • ​पर्यटन: हेरिटेज टूरिज्म सर्किट के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और हवाई कनेक्टिविटी विस्तार के लिए विशेष बजट की मांग की गई।

​ऊर्जा और वित्तीय सुधार

​ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और वित्तीय तरलता के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए:

  • ​पारेषण (Transmission) परियोजनाओं, ग्रिड स्थिरता और बैटरी स्टोरेज के लिए सहयोग।
  • ​विद्युत उपयोगिताओं पर बकाया उच्च ब्याज वाले ऋणों के पुनर्गठन की आवश्यकता।
  • ​कुसुम योजना के तहत राज्य के लिए अतिरिक्त लक्ष्यों का आवंटन।

​संविदा कर्मचारी और प्रशासनिक मांगें

​उपमुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण मानवीय और प्रशासनिक विषय उठाते हुए आग्रह किया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और समग्र शिक्षा अभियान के तहत नियमित किए गए संविदा कर्मचारियों के वेतन और स्थापना व्यय में केंद्र सरकार अपना वित्तीय सहयोग जारी रखे।

​ बैठक के दौरान दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि राजस्थान 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने को तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी केंद्रीय बजट न केवल देश को समावेशी विकास की ओर ले जाएगा, बल्कि राजस्थान की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विशेष वित्तीय सहयोग भी प्रदान करेगा।

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