केंद्रीय बजट ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज — प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर
| गौरव कोचर
जयपुर/बूंदी, 2 फरवरी 2026 ऊर्जा राज्यमंत्री एवं बूंदी जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने केंद्रीय बजट 2026-27 को भारत के लोकतांत्रिक और आर्थिक इतिहास का मील का पत्थर करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पेश किया गया यह बजट केवल एक वर्ष का वित्तीय लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ है।
ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान बनेगा ‘पावर हाउस’
ऊर्जा मंत्री ने बजट के तकनीकी पहलुओं पर जोर देते हुए कहा कि राजस्थान आने वाले समय में देश की ऊर्जा सुरक्षा का केंद्र बनेगा। उन्होंने प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया:
- पीएम सूर्य घर योजना: इस योजना को ‘गेम चेंजर’ बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों का बिजली बिल शून्य होगा।
- परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य: सरकार का 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) पर ध्यान केंद्रित करना राजस्थान के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।
- ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर: राजस्थान सौर ऊर्जा के साथ-साथ अब परमाणु ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के हब के रूप में विकसित होगा।
समावेशी विकास और ढांचागत सुधार
प्रभारी मंत्री ने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए बजट में किए गए प्रावधानों की विस्तृत जानकारी साझा की:
- युवा और तकनीक: युवाओं के लिए कौशल विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के क्षेत्र में नए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना होगी।
- कृषि में नवाचार: किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘हाई-वैल्यू’ कृषि क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
- बुनियादी ढांचा: इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित 12.2 लाख करोड़ रुपये से प्रदेश में सड़क और रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
- आयुष और चिकित्सा: चिकित्सा क्षेत्र में घोषित तीन नए आयुर्वेद संस्थानों से राजस्थान में मेडिकल टूरिज्म को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
अंतिम छोर तक राहत पहुँचाने का संकल्प
हीरालाल नागर ने विश्वास दिलाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इन सभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ धरातल पर उतारने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता इन बजटीय प्रावधानों और इंसेंटिव्स को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाना है, ताकि प्रत्येक राजस्थानी इस विकास यात्रा का सहभागी बन सके।

