केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अधिकारियों के करियर विकास का महत्वपूर्ण अवसर: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
| नरेश गुनानी
जयपुर, 3 फरवरी 2026। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति न केवल कैडर की जिम्मेदारी है, बल्कि यह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के करियर विकास का एक शानदार अवसर भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारियों द्वारा केंद्र स्तर पर हासिल किया गया अनुभव अंततः राज्य प्रशासन को और अधिक सशक्त बनाने में मदद करता है।
संवाद बैठक में अधिकारियों को किया प्रोत्साहित
मंगलवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक संवादात्मक बैठक में मुख्य सचिव ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पात्र आईपीएस अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपने करियर की भविष्य की योजना बनाते समय समयबद्ध और सोच-समझकर निर्णय लें और केंद्रीय सेवाओं में अपना योगदान देने के लिए आगे आएं।
करियर ग्रोथ के लिए अनुभव जरूरी
बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 बैच और उसके बाद के अधिकारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे एसपी (SP) या डीआईजी (DIG) स्तर पर कम से कम दो वर्ष की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करें। इससे उन्हें वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति से पहले केंद्र सरकार के कार्य करने के तौर-तरीकों का अनुभव प्राप्त हो सकेगा।
प्रतिनियुक्ति के नियमों और पदों की दी जानकारी
बैठक में कार्मिक विभाग की ओर से एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई:
- पात्रता स्तर: एसपी, डीआईजी, आईजी, एडीजी और डीजी स्तर पर प्रतिनियुक्ति की पात्रता।
- नियम और शर्तें: सामान्य सेवा अवधि, पदोन्नति के दौरान संयुक्त कार्यकाल (Joint Tenure), कठिन क्षेत्रों में सेवा देने पर अवधि विस्तार, और कूलिंग-ऑफ पीरियड (Cooling-off Period) से जुड़े प्रावधान।
- रिक्तियां: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और अन्य केंद्रीय संगठनों में आईपीएस अधिकारियों के लिए स्वीकृत पदों और वर्तमान में उपलब्ध रिक्तियों का विवरण साझा किया गया।
बैठक में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी
इस संवाद बैठक में कार्मिक विभाग की शासन सचिव अर्चना सिंह सहित गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सचिवालय में उपस्थित रहे। वहीं, राज्य के विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में तैनात आईपीएस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया और अपने करियर से जुड़े तकनीकी सवालों पर चर्चा की।