नई दिल्ली/प्रतापगढ़, 16 जुलाई 2026 /गौरव कोचर/
’नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ चलाई जा रही देशव्यापी मुहिम में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की राजस्थान यूनिट को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीबीएन के अधिकारियों ने एक त्वरित कार्रवाई करते हुए 133 ग्राम अवैध मेथामफेटामाइन (जिसे आमतौर पर एम.डी. या मेफेड्रोन भी कहा जाता है) बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस प्रतिबंधित ड्रग की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीबीएन को एक विशिष्ट और पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि एक तस्कर मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन लेकर छोटी सादड़ी से प्रतापगढ़ की ओर जाने वाला है। इस इनपुट पर तुरंत एक्शन लेते हुए सीबीएन, प्रतापगढ़ प्रथम डिवीजन के अधिकारियों की एक विशेष निवारक (प्रिवेंटिव) टीम का गठन किया गया। इस टीम को संदिग्ध मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
फिल्मी अंदाज में भागा तस्कर, सड़क किनारे फेंका ड्रग्स
नाकेबंदी के दौरान टीम ने संदिग्ध मोटरसाइकिल की पहचान कर ली। जब अधिकारियों ने चालक को रुकने का इशारा किया, तो उसने रुकने के बजाय मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ा दी और तेजी से भागने लगा। सीबीएन टीम द्वारा पीछा किए जाने पर घबराए तस्कर ने पकड़े जाने के डर से अपने पास रखा एक संदिग्ध पैकेट सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
अधिकारियों ने जब सड़क किनारे फेंके गए उस पैकेट की सघन तलाशी ली, तो उसमें एक पॉलीथीन की थैली के भीतर 133 ग्राम अवैध मेथामफेटामाइन बरामद हुई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी
सीबीएन ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद बरामद ड्रग्स को स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 की प्रासंगिक धाराओं के तहत जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इस ड्रग सिंडिकेट के पूरे बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (स्रोत और गंतव्य) को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेप कहाँ से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था।
ड्रग कार्टेल्स को जड़ से मिटाने का संकल्प
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की ‘शून्य सहनशीलता’ (जीरो टॉलरेंस) नीति के तहत उनका उद्देश्य सिर्फ नशीले पदार्थों को जब्त करना नहीं है, बल्कि अवैध तस्करी के पूरे नेटवर्क और ड्रग कार्टेल्स को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है। सीबीएन द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए आने वाले दिनों में इस तरह की कठोर और प्रभावी कार्रवाइयां निरंतर जारी रहेंगी।