केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की
नई दिल्ली, 01 सितम्बर 2025 । गणेश शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक कर देशभर में कृषि क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों में हो रही बारिश, खरीफ बुवाई और फसलों की स्थिति पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
कृषि मंत्री ने पंजाब के कुछ इलाकों में आई बाढ़ और फसलों पर उसके प्रभाव को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान भाई-बहन बिल्कुल चिंता न करें, केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है। चौहान ने यह भी घोषणा की कि वे आगामी दिनों में पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और सीधे किसानों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे तथा हरसंभव मदद उपलब्ध कराएंगे।
बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ बुवाई का क्षेत्रफल पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है और खाद्यान्न फसलों के साथ बागवानी क्षेत्र में भी आशाजनक प्रगति दर्ज की गई है। विशेष रूप से आलू, प्याज और टमाटर के उत्पादन एवं कीमतों की स्थिति पर मंत्री ने जानकारी हासिल की।
बैठक में यह भी बताया गया कि कई राज्यों में इस वर्ष औसत से अधिक वर्षा हुई है, जिससे जलाशय भरे हुए हैं और फसलों के लिए अनुकूल स्थिति बनी है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद्यान्न फसलों के साथ-साथ बागवानी और इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत खेती) के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि भविष्य की मांग को देखते हुए अनाज उत्पादन के साथ वैकल्पिक उपायों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। बागवानी और इंटीग्रेटेड फार्मिंग इस दिशा में कारगर साबित हो सकती है।
उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।