कृषिवानिकी से किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने हेतु समझौता
न्यूज़ रिपोर्ट – मुस्कान तिवारी | संपादन – नरेश गुनानी | टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 22 अगस्त 2025।
जयपुर जिला प्रशासन के अंतर्गत राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास समिति (आरवीजेवीवीएस) और पिपलेश्वर ग्रीन फेड कृषक उत्पादक संगठन, तूँगा, बस्सी के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया। इस समझौते का उद्देश्य कृषिवानिकी (एग्रोफोरेस्ट्री) को बढ़ावा देना, किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना, जलवायु सहनशीलता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है।
आरवीजेवीवीएस की ओर से वी. केतन कुमार, उप वन संरक्षक (डीएफओ), जयपुर और पिपलेश्वर ग्रीन फेड कृषक उत्पादक संगठन की ओर से कमलेश कुमार सैनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
कृषिवानिकी: किसानों के लिए वरदान
डीएफओ जयपुर वी. केतन कुमार ने इस अवसर पर कहा कि “एग्रोफॉरेस्ट्री किसानों की आय बढ़ाने, समुदाय को मजबूत बनाने तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक सहनशील पारिस्थितिकी तंत्र (क्लाइमेट रेसिलिएंट इकोसिस्टम) के निर्माण की दिशा में ठोस कदम है।”
300 किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
इस समझौते से लगभग 300 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उनके खेतों में फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और साथ ही पर्यावरणीय संतुलन तथा जलवायु सहनशीलता सुनिश्चित होगी। कृषक उत्पादक संगठन किसानों को बागवानी संबंधी इनपुट, तकनीकी सेवाएँ तथा भविष्य में विपणन (मार्केट लिंकज) की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम में रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर सुलोचना चौधरी, सहायक वन संरक्षक, दिनेश कुमार राणा, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक (पीएमयू, आरएफबीडीपी), श्याम सिंह, प्रबंधक (एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज), हेमंत कुमार दीक्षित, आजीविका विशेषज्ञ और बिन्नी मेहता, संचार विशेषज्ञ, आरएफबीडीपी परियोजना उपस्थित रहे।