कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़ दुर्ग के कायाकल्प की तैयारी: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की समीक्षा, ई-कार्ट और डिजिटल क्यूआर कोड के दिए निर्देश

कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़ दुर्ग के कायाकल्प की तैयारी: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की समीक्षा, ई-कार्ट और डिजिटल क्यूआर कोड के दिए निर्देश

राजसमंद/जयपुर, 14 फरवरी 2026

| लोकेंद्र सिंह शेखावत

​केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को कुंभलगढ़ पहुंचे, जहाँ उन्होंने विश्व धरोहर कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़ दुर्ग के संरक्षण, विकास कार्यों और पर्यटक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शेखावत ने स्पष्ट किया कि दुर्ग तक आने वाले हर पर्यटक की पहुँच सुगम बनाना प्रशासन का प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने ‘ईज ऑफ ट्रैवल’ (Ease of Travel) पर जोर देते हुए पार्किंग और परिवहन की समस्याओं के स्थायी समाधान के कड़े निर्देश दिए।

पर्यटक सुविधाओं का होगा विस्तार: ई-कार्ट और डिजिटल कनेक्टिविटी

​समीक्षा बैठक के दौरान शेखावत ने पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:

  • इलेक्ट्रिक कार्ट (E-Cart): पार्किंग स्थल से दुर्ग के ऊपरी हिस्से तक पर्यटकों को लाने-ले जाने के लिए ई-कार्ट संचालित किए जाएंगे।
  • डिजिटल जानकारी: प्रत्येक स्मारक पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन कर पर्यटक ऐतिहासिक तथ्यों की प्रामाणिक जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
  • आधारभूत सुविधाएँ: दुर्ग परिसर में ऊपर तक पेयजल की समुचित व्यवस्था और महाराणा प्रताप की जन्मस्थली पर स्पष्ट साइनेज व तस्वीरें लगाने के निर्देश दिए गए।

फुटफॉल बढ़ाने के लिए ‘अनुभव आधारित पर्यटन’ पर जोर

​दुर्ग पर पर्यटकों की कम संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए शेखावत ने कहा कि जब तक यात्रा सुगम नहीं होगी, फुटफॉल नहीं बढ़ेगा। उन्होंने पर्यटन को जीवंत बनाने के लिए निम्नलिखित नवाचारों के निर्देश दिए:

  • सांस्कृतिक गतिविधियाँ: दुर्ग परिसर में पपेट शो, लोक संगीत कार्यक्रम और हेरिटेज वॉक का नियमित आयोजन।
  • डिजिटल ब्रांडिंग: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए विशेष टूर और फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं का आयोजन ताकि वैश्विक स्तर पर दुर्ग की दृश्यता बढ़े।
  • इमर्सिव जोन: आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों को इतिहास का जीवंत अनुभव कराने के लिए ‘इमर्सिव जोन’ विकसित किया जाएगा।

चित्तौड़गढ़ दुर्ग: ट्रैफिक जाम और लंबित कार्यों पर सख्ती

​चित्तौड़गढ़ दुर्ग की समीक्षा करते हुए शेखावत ने वहां की ट्रैफिक समस्या के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को स्पष्ट किया कि:

  • सूरजपोल पाथ-वे का कार्य इसी वर्ष अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।
  • ​पद्मिनी पैलेस में इंटरप्रिटेशन सेंटर के कार्य में तेजी लाई जाए।
  • ​मृगवन की क्षतिग्रस्त दीवार की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

अतिक्रमण पर कड़ा रुख

​राजसमंद जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा को निर्देशित करते हुए शेखावत ने कहा कि दुर्ग क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण और अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, होटलों और रिसॉर्ट्स से पर्यटकों का डेटा संकलित कर उसका विश्लेषण करने को कहा गया ताकि भविष्य की पर्यटन रणनीति प्रभावी बन सके।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

​इस उच्च स्तरीय बैठक में कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़, पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार, राजसमंद कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा, चित्तौड़गढ़ कलेक्टर आलोक रंजन, एएसआई के अपर महानिदेशक प्रो. आलोक त्रिपाठी सहित संस्कृति मंत्रालय और पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

​”ये धरोहरें हमारी अस्मिता और गौरव का प्रतीक हैं। इनका संरक्षण और पर्यटकों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” — गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्री

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