डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल’ में मुख्यमंत्री ने की शिरकत
- ग्रामीणों, किसानों और युवाओं से सीधा संवाद कर जानी जमीनी हकीकत, तिलानेश में ही किया रात्रि विश्राम
- कृषि में आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया जोर
डेगाना ,नागौर/नरेश गुनानी/ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि किसान का जीवन संघर्ष और कठिन परिश्रम से भरा होता है। विपरीत परिस्थितियों और प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद देश का अन्नदाता कभी हार नहीं मानता और हर बार एक नई उम्मीद के साथ खेतों में पसीना बहाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाकर ही देश तथा प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह विचार डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल’ के दौरान व्यक्त किए, जहां उन्होंने स्थानीय किसानों, पशुपालकों और युवाओं के साथ सीधा संवाद किया।
डेगाना क्षेत्र और प्रदेश के किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री ने चौपाल में राज्य सरकार द्वारा कृषि और पशुपालन क्षेत्र के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी:
- किसान सम्मान निधि में वृद्धि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब राज्य सरकार की ओर से 3 हजार रुपये अतिरिक्त जोड़कर किसानों को 9 हजार रुपये प्रतिवर्ष की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
- बोनस और ऋण सुविधाएं: एमएसपी पर गेहूं खरीद पर 150 रुपये का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। साथ ही ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण और फसल बीमा योजना से किसानों को संबल मिल रहा है।
- बिजली आपूर्ति में सुधार: किसानों को बिजली बिलों और सोलर पंप सेट की स्थापना पर भारी अनुदान दिया जा रहा है। वर्तमान में डेगाना सहित प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है, जिसे जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
- पशुपालकों को प्रोत्साहन: क्षेत्र के पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए गोपालक क्रेडिट कार्ड ऋण योजना और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा जैसी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं।
पानी की समस्या का स्थायी समाधान और आधुनिक तकनीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसान को पर्याप्त पानी मिल जाए, तो वह देश की अर्थव्यवस्था का कायाकल्प कर सकता है। इसी सोच के साथ रामजल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौता जैसी महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है, जिसका लाभ आने वाली कई पीढ़ियों को मिलेगा। उन्होंने किसानों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीक अपनाने और स्वयं की प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने का आह्वान किया ताकि कृषि को एक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सके।
युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर
गांव के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार नई ‘युवा नीति’ के तहत निजी और सरकारी क्षेत्रों में लाखों अवसर सृजित कर रही है। ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
डेगाना चौपाल में गूंजी सफलता की कहानियां: लाभार्थियों ने जताया आभार
संवाद के दौरान क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों और उद्यमियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं:
- खारे पानी में अनार की खेती से लाखों की कमाई: प्रगतिशील किसान अशोक जागु ने बताया कि सरकार के प्रोत्साहन और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उन्होंने खारे पानी की समस्या के बावजूद अनार की शानदार खेती, ग्रीन हाउस और पशुपालन के जरिए सालाना 60 से 70 लाख रुपये की आय अर्जित की है।
- अश्वगंधा की खेती को मिली वैश्विक पहचान: प्रगतिशील किसान पारुल ने बताया कि सरकार के सहयोग से नागौर के अश्वगंधा को जीआई (GI) टैग मिला है। उन्नत बीजों और प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना से क्षेत्र के किसानों की आमदनी में भारी इजाफा हुआ है।
- पर्यावरण संरक्षण का अनूठा मॉडल: पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद् हिम्मता राम भांभू ने बताया कि उन्होंने 27 साल पहले 14 हजार पौधे लगाए थे जो आज विशाल वृक्ष बन चुके हैं। उन्होंने किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की योजनाओं की सराहना की।
- जैविक खेती से समृद्धि: पिछले 15 वर्षों से जहर मुक्त खेती कर रहीं महिला किसान मीरा ने बताया कि शुरुआती दिक्कतों के बाद आज उन्हें जैविक खेती और पशु नस्ल सुधार से बेहतरीन मुनाफा मिल रहा है।
- रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बने युवा: युवा उद्यमी ओंकार चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत मिले 25 लाख रुपये के ऋण से उन्होंने अपनी हैंडिक्राफ्ट यूनिट शुरू की। 3 लोगों से शुरू हुआ यह काम आज 40 से अधिक युवाओं को रोजगार दे रहा है। वहीं एक अन्य युवा ने विश्वकर्मा उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये का ऋण लेकर अपना उद्योग सफलतापूर्वक स्थापित किया है।
ये रहे उपस्थित:
इस ऐतिहासिक ग्राम विकास चौपाल के अवसर पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मण राम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व महिलाएं उपस्थित रहीं।