किसानों के हित में मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला

किसानों के हित में मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला

’विकेन्द्रित सौर संयंत्रों से जुड़े फीडरों में तत्काल जारी होंगे कृषि कनेक्शन’

जयपुर, 28 अगस्त 2025। नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स 
प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत स्थापित विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्रों से जुड़े 33/11 केवी सब-स्टेशन क्षेत्रों में अलग से प्राथमिकता के आधार पर तुरंत कृषि कनेक्शन जारी किए जा सकेंगे। इसके लिए कृषि कनेक्शन नीति-2017 में संशोधन को मंजूरी दी गई है और प्रदेश के तीनों विद्युत वितरण निगमों ने आदेश भी जारी कर दिए हैं।

इस निर्णय के बाद सौर ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता के अनुसार 33/11 केवी से निकलने वाले फीडरों पर कृषि कनेक्शन के लिए आवेदकों को पृथक् रूप से प्राथमिकता से मांग पत्र जारी किए जाएंगे। मांग पत्र जमा होने पर आवेदकों को तुरंत कनेक्शन मिल जाएगा।


कृषि कनेक्शनों की लंबी प्रतीक्षा सूची में आएगी कमी

अभी तक कृषि कनेक्शन नीति-2017 के अंतर्गत सामान्य श्रेणी के आवेदकों को सरकार द्वारा तय की गई अंतिम तिथि (कट-ऑफ डेट) के अनुसार डिमांड नोट जारी होते हैं। डिमांड नोट जमा करने के बाद कनेक्शन देने की प्राथमिकता आवेदन की मूल तिथि के आधार पर तय होती है।
अन्य श्रेणियों—जैसे ड्रिप, डिग्गी या शहरी क्षेत्रों के आवेदकों को डिमांड नोट तुरंत प्राथमिकता के साथ जारी किए जाते हैं और उनकी प्राथमिकता डिमांड नोट जमा करने की तिथि के आधार पर तय होती है।

वर्तमान में 22 फरवरी 2022 तक की कट-ऑफ डेट के आधार पर सामान्य श्रेणी के आवेदकों को कनेक्शन देना बाकी है। पूरे राज्य में अभी 78,498 कृषि कनेक्शन लंबित हैं जिनमें डिमांड नोट जमा किए जा चुके हैं, जबकि इसके अलावा 2,27,913 नए आवेदन भी प्राप्त हुए हैं।


विकेन्द्रित सौर संयंत्रों की क्षमता का होगा बेहतर उपयोग

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और कम्पोनेंट-सी के तहत राजस्थान में तेजी से काम हो रहा है। अब तक राज्य की गांव-ढाणियों में लगभग 1543 मेगावाट क्षमता के 776 विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। इनमें से 1420 मेगावाट क्षमता के संयंत्र सिर्फ डेढ़ वर्ष में स्थापित किए गए हैं।

इन सौर संयंत्रों से 1 लाख से अधिक किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध हो रही है। यह संयंत्र विद्युत सब-स्टेशन से 5 किलोमीटर की परिधि में स्थापित किए जाते हैं।

सरकार के इस निर्णय से दिन में उत्पादित हो रही सौर बिजली का अधिकतम उपयोग कृषि क्षेत्र में किया जा सकेगा। साथ ही बड़ी संख्या में किसानों को नए कृषि कनेक्शन मिलेंगे, जिससे लंबित आवेदनों की संख्या घटेगी और किसानों को राहत मिलेगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related

एडीपीओ ने बसंतराय के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण: व्यवस्थाओं की परखी हकीकत, लापरवाही पर स्पष्टीकरण के निर्देश

बसंतराय/ गोड्डा झारखंड/नेहा रंजन/शिक्षा विभाग एवं झारखंड शिक्षा परियोजना...