किशनगढ़ में नकली खाद का बड़ा घोटाला उजागर, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की छापेमारी से मचा हड़कंप
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 30,2025
अजमेर (हरिप्रसाद शर्मा): राजस्थान के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर सख्त एक्शन में दिखाई दिए। उन्होंने अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र के उदयपुर कला गांव में स्थित एक निजी गोदाम पर अचानक छापेमारी कर नकली खाद के बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया। इस दौरान गोदाम से भारी मात्रा में मिलावटी DAP (डाई-अमोनियम फॉस्फेट), SSP (सिंगल सुपर फॉस्फेट) और जिप्सम जब्त की गई।
खुफिया सूचना पर मारा गया छापा
डॉ. मीणा को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि उक्त गोदाम में अवैध तरीके से नकली खाद का भंडारण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही उन्होंने किसी भी प्रशासनिक औपचारिकता का इंतजार किए बिना खुद मौके पर पहुंचकर छापा मारा। यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी ताकि किसी को भनक न लगे।
मौके से मिली भारी मात्रा में मिलावटी खाद
गोदाम से जब्त की गई खाद की जांच के बाद यह साफ हो गया कि उसमें मिलावट की गई थी। खाद की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी और इसे किसानों को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। इस पूरे प्रकरण को लेकर मंत्री मीणा बेहद नाराज दिखे। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यह किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा है।
मंत्री ने जताई सख्त नाराज़गी, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट कहा कि नकली खाद का कारोबार किसानों की मेहनत और फसलों के भविष्य से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पूरे खाद आपूर्ति नेटवर्क की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मिलावटखोरी के खिलाफ सरकार का कड़ा रुख
मंत्री मीणा ने कहा, “राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और मिलावटखोरी जैसे अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी छापेमारियों की संख्या और भी बढ़ सकती है ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराई जा सके।
किसानों में जागरूकता और नकली खाद कारोबारियों में दहशत
इस छापेमारी के बाद नकली खाद का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। वहीं, किसानों में भी जागरूकता आई है और वे सरकार से सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की कार्रवाई लगातार होती रही तो नकली खाद के गोरखधंधे पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

