किशनगढ़ बास में सिंधी समाज के चालीहा महोत्सव का भव्य समापन
अखंड ज्योति यात्रा और भजन-कीर्तन से गूंजा नगर, समाज में एकता और संस्कृति संरक्षण का संदेश
किशनगढ़ बास, 27 अगस्त (नरेश गुनानी, टेलीग्राफ टाइम्स)।
संत कंवर राम हरि मंदिर में बीते 40 दिनों से चल रहा सिंधी समाज का चालीहा महोत्सव मंगलवार को बड़े हर्षोल्लास और धार्मिक धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिकता से सराबोर हो गया।
भजन-कीर्तन और अखंड ज्योति यात्रा
महोत्सव के अंतिम दिन मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने बड़ी आस्था और भावनाओं के साथ इसमें भाग लिया।
शाम को मंदिर से अखंड ज्योति यात्रा निकाली गई, जो नगर के मुख्य बाजार और विभिन्न मार्गों से होती हुई गुजरी। रास्तेभर समाज के लोगों ने श्रद्धा भाव से अखंड ज्योति का स्वागत किया और जगह-जगह पुष्पवर्षा की।
यात्रा के पश्चात अखंड ज्योति को परवान किया गया, जिससे पूरा माहौल भक्ति रस और उत्साह से गूंज उठा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी
इस अवसर पर महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठजनों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। श्रद्धालुओं ने दिनभर भक्ति भाव से अनुष्ठानों में शामिल होकर अपने आराध्य देव के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
रात्रि में आयोजित भंडारे में भी हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी
महोत्सव के दौरान सिंधी समाज के मुखी गोकुलदास मृगवानी, बाबा बाबूलाल चंदनानी, दर्शन लाल बतरा, तीरथ दास बतरा, प्रभु दयाल चंदनानी, हीरु हरवानी, सुनील वलेचा, संजय बजाज, सुनील बतरा सहित समाज के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के प्रतीक भी हैं।