किशनगढ़ बास/ नरेश गुनानी/सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल साहिब का 40 दिवसीय पावन चालीहा साहिब महोत्सव मंगलवार को संत कंवर राम हरि मंदिर में पूर्ण धार्मिक विधि-विधान, श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर आयोजित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में सिंधी समाज के महिला-पुरुषों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर भगवान झूलेलाल के दर्शन किए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व खुशहाली की मंगल कामना की।
धार्मिक अनुष्ठानों और बहराणा साहिब से हुई शुरुआत
समापन समारोह की शुरुआत शाम 5:15 बजे पूज्य बहराणा साहिब के पूजन के साथ हुई। इसके उपरांत विधिवत रूप से अंखा साहिब का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। 40 दिनों तक चले कठिन नियमों, उपवास और भक्ति साधना के पूर्ण होने पर मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
जयकारों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
शाम 7:15 बजे मंदिर परिसर से भगवान झूलेलाल साहिब की भव्य शोभायात्रा एवं नगर भ्रमण निकाला गया। शोभायात्रा में समाजबंधु पारंपरिक भजनों की धुनों पर “आयोलाल झूलेलाल” और धार्मिक जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा मार्ग भक्ति रस से सराबोर हो गया। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया। इसके बाद मंदिर परिसर में भगवान झूलेलाल साहिब की महाआरती की गई और चालीहा साहिब का विधिवत समापन हुआ।
महाभंडारे में उमड़ा जनसैलाब
धार्मिक कार्यक्रमों के उपरांत रात्रि 9 बजे मंदिर प्रांगण में विशाल आम भंडारे (प्रसादी) का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।
समाज के गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन अवसर पर पूज्य बहराणा मंडल के बाबा बाबूलाल चंदनानी, पूज्य सिंधी समाज किशनगढ़ बास के मुखी गोकुलदास मृगवानी, नेभराज बतरा, दर्शन लाल बतरा, प्रभु दयाल चन्दनानी, झामन दास हरवानी, सुनील बतरा, मुरलीधर, नरेश मंगलानी, सुनील वलेचा, संजू बजाज सहित सिंधी समाज के कई प्रमुख समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने 40 दिनों तक चले इस महोत्सव को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी समाजबंधुओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया