किशनगढ़ बास में अमर शहीद संत कंवर राम साहिब के 141वें जन्मोत्सव की धूम: श्रद्धा और उल्लास के साथ मना पर्व

नरेश गुनानी 

किशनगढ़ बास | भक्ति, त्याग और मानवता के प्रतीक अमर शहीद संत कंवर राम साहिब का 141वां जन्मोत्सव सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को बैसाखी के पावन पर्व पर अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय ‘संत कंवर राम हरि मंदिर’ में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में न केवल किशनगढ़ बास बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी सिंधी समाज और अन्य श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

धार्मिक अनुष्ठानों से हुआ मंगल शुभारंभ

​जन्मोत्सव की शुरुआत अल सुबह आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य चरणों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:

समय

प्रमुख गतिविधि

विवरण

प्रातः काल

मूर्ति स्नान एवं ध्वजारोहण

संतों की प्रतिमाओं का अभिषेक और मंदिर शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई गई।

पूर्वाह्न

धूणी साहिब पाठ

अखंड पाठ के साथ वातावरण भक्तिमय हो गया।

दोपहर

भोग एवं प्रसाद वितरण

पाठ की समाप्ति पर श्रद्धालुओं के बीच विशेष प्रसाद वितरित किया गया।

संध्या

दीपोत्सव

समाज के बंधुओं ने घरों और प्रतिष्ठानों पर दीप जलाकर खुशियां मनाईं।

सांस्कृतिक संध्या और महाआरती का आकर्षण

​शाम होते-होते मंदिर परिसर की रौनक दोगुनी हो गई। सांस्कृतिक संध्या (ऑर्केस्ट्रा) में भक्ति गीतों और भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

  • भव्य महाआरती: रात्रि में आयोजित महाआरती कार्यक्रम का मुख्य केंद्र रही। इसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति अपने घरों से सजावटी आरतियां लेकर पहुंचीं।
  • पुरस्कार वितरण: सुंदर आरती सजाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, साध-संगत के लिए आयोजित विशेष टोकन पुरस्कार योजना के विजेताओं को भी मौके पर ही पुरस्कृत किया गया।
  • केक उत्सव: रात्रि में संत साहिब के जन्मोत्सव का केक काटा गया और श्रद्धालुओं के बीच ‘प्रसाद’ रूप में वितरित किया गया।

सेवा और समर्पण: भंडारा साहिब

​जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा साहिब का आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। सेवाभावी युवाओं और समाजसेवियों ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में समर्पण भाव से योगदान दिया।

सामूहिक सहयोग से सफल हुआ आयोजन

​इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में पूज्य सिंधी पंचायत के पदाधिकारियों और प्रमुख समाजसेवियों की अहम भूमिका रही। विशेष रूप से:

    • मुखी: गोकुलदास मृगवानी
    • वरिष्ठ सदस्य: बाबा बाबूलाल चन्दनानी, प्रभु दयाल चन्दनानी, दर्शन लाल बतरा,नेभराज़ बतरा ।
    • सहयोगी टीम: संजय बजाज, सुनील बतरा, नरेश गुनानी, राजेश कामदार, रूपचंद बतरा, सुनील वलेचा, झामन दास हरवानी, नेवद मल, मुरलीधर, अनिल हरवानी,महेश बतरा, लक्ष्मण दास मंगलानी, मास्टर माधव दास ।

“संत कंवर राम साहिब का जीवन हमें मानवता और सेवा की सीख देता है। आज का यह उमंग भरा माहौल समाज की एकता और अटूट श्रद्धा का प्रमाण है।” > — आयोजन समिति, किशनगढ़ बास

 

​अंत में, आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोगकर्ताओं, समाज बंधुओं और पुलिस-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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