किशनगढ़ बास: अमर शहीद हेमू कालाणी की जयंती और बलिदान दिवस पर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
| नरेश गुनानी
किशनगढ़ बास | देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों की स्मृति में सोमवार को किशनगढ़ बास स्थित संत कंवर राम हरि मंदिर में एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पूज्य सिंधी पंचायत एवं भारतीय सिंधु सभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अमर शहीद हेमू कालाणी के जन्म दिवस और शहीद भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया गया।

देशभक्ति के गीतों और संस्मरणों से गूँजा परिसर
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6:30 बजे हुआ, जहाँ समाज के प्रबुद्ध जनों ने वीर शहीदों के चित्रों और प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने शहीदों के अदम्य साहस को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
शहादत और वीरता पर प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश महामंत्री गिरधारी लाल ज्ञानानी एवं राजेश पमनानी ने संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
- हेमू कालाणी का योगदान: छोटी सी उम्र में मातृभूमि के लिए फांसी के फंदे को चूमने वाले हेमू कालाणी का साहस आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का पुंज है।
- त्रिमूर्ति का बलिदान: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान दिवस भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इन वीरों के अद्वितीय त्याग के कारण ही आज हम आजाद हवा में सांस ले रहे हैं।
समाज की गरिमामय उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा के अंत में पूज्य सिंधी पंचायत के मुखी गोकुलदास मृगवानी ने उपस्थित सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित जनसमूह के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद:
इस अवसर पर गिरधारी लाल ज्ञानानी, प्रताप कटहरा, मुखी गोकुलदास मृगवानी, बाबा बाबूलाल चंदनानी, प्रभु दयाल चन्दनानी, झामनदास हरवानी, सुनील बत्रा, राजेश पमनानी, नरेश गुनानी, लक्ष्मण दास मंगलानी, हीरु हरवानी, बंटी हरवानी, चतुर्भुज बजाज, नेवद मल, सुनील वलेचा, नवीन मदान, नरेश सचदेवा सहित सिंधी समाज के अनेक गणमान्य लोग और मातृशक्ति उपस्थित रही।
“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का बाकी यही निशां होगा।”
