किशनगढ़बास: दो वर्षों के इंतज़ार के बाद फिर गूंजेगा आज़ादी का जश्न
रिपोर्ट: नरेश गुनानी
तारीख: 14 अगस्त 2025
स्रोत: टेलीग्राफ टाइम्स
किशनगढ़बास।
खैरथल को जिला मुख्यालय घोषित किए जाने के बाद पिछले दो वर्षों से किशनगढ़बास में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित नहीं हो पा रहा था। इस दौरान शहरवासियों को राष्ट्रीय पर्व का जश्न मनाने का अवसर केवल सीमित कार्यक्रमों के रूप में मिल रहा था। मगर इस बार हालात बदले हैं— और दो साल के लंबे इंतज़ार के बाद किशनगढ़बास एक बार फिर देशभक्ति के रंग में रंगने को तैयार है।
व्यापारियों की पहल से बदला माहौल
करीब दस दिन पहले, व्यापार महासंघ के अध्यक्ष परमानंद लख्यानी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर किशोर कुमार से मुलाकात कर किशनगढ़बास में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आयोजन करने की मांग रखी। इस पहल में स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाएं भी शामिल हुईं।
जिला कलेक्टर ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उपखंड प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसके बाद सभी पक्षों की सहमति से आयोजन की औपचारिक घोषणा कर दी गई।
दशहरा मैदान में होगा भव्य आयोजन
एसडीएम मनीष कुमार जाटव ने जानकारी दी कि समारोह पूर्व की भांति शहर के दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे ध्वजारोहण के साथ होगा।
इसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर, वीरांगनाओं का सम्मान, उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
सांस्कृतिक रंग और देशभक्ति की धुनें
आयोजन में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं देशभक्ति गीत, नृत्य और नाट्य मंचन पेश करेंगे। मंच पर स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के जीवन प्रसंगों पर आधारित लघु नाटक भी होंगे, जो बच्चों और युवाओं को प्रेरित करेंगे।
शाम के समय शहर की मुख्य सड़कों पर तिरंगा यात्रा और रोशनी से सजावट की भी योजना है।
शहर में उत्साह की लहर
दो वर्षों के अंतराल के बाद स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम होने की खबर से शहरवासी बेहद उत्साहित हैं। बाजारों में तिरंगे, बैज, बैंड और देशभक्ति से जुड़े सामानों की बिक्री तेज हो गई है। स्कूल-कॉलेजों में रिहर्सल का दौर जारी है, और हर गली-मोहल्ला इस पर्व की तैयारियों में जुटा है।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि यह आयोजन न केवल आज़ादी की याद दिलाता है, बल्कि लोगों को एकता और देशप्रेम के सूत्र में भी बांधता है।
एक बुजुर्ग नागरिक ने मुस्कुराते हुए कहा— “दो साल बाद फिर वही माहौल लौट रहा है, तिरंगे की शान और देशभक्ति की आवाज़ से पूरा शहर गूंज उठेगा।”