किशनगढ़बास थाने में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: साइबर ठगी में मिलीभगत पर गाज, थाना प्रभारी लाइन हाजिर, 2 कांस्टेबल सस्पेंड व 2 ASI को मुख्यालय भेजा

आरपीएस अधिकारी नेहा मीणा को सौंपी गई किशनगढ़बास थाने की कमान; जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश बोले—’भ्रष्टाचार और अपराधियों से सांठगांठ पर जीरो टॉलरेंस’

किशनगढ़बास /खैरथल-तिजारा/नरेश गुनानी 

​क्षेत्र में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों में पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत और गंभीर लापरवाही के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जिला पुलिस अधीक्षक ब्रजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर किशनगढ़बास थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी (SHO) सहित कुल पांच पुलिसकर्मियों पर एक साथ बड़ी प्रशासनिक गाज गिरी है।

​विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएस अधिकारी नेहा मीणा को किशनगढ़बास थाने का नया थाना प्रभारी (SHO) नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण:

  • थाना प्रभारी (SHO) लाइन हाजिर: थाना प्रभारी बनवारी लाल को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
  • दो कांस्टेबल निलंबित: कांस्टेबल धन सिंह और घनश्याम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
  • दो ASI भिवाड़ी मुख्यालय अटैच: सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सद्दीक खान और कृष्ण यादव को भिवाड़ी मुख्यालय भेजते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू कर दी गई है।

शिकायतों पर प्रारंभिक जांच के बाद एक्शन

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगों को संरक्षण देने, एफआईआर व कार्रवाई में टालमटोल करने तथा अपराधियों को अंदरूनी सहयोग पहुंचाने की शिकायतें लगातार वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही थीं। शिकायतों की प्राथमिक स्तर पर जांच कराने के बाद आरोपों में प्रथम दृष्टया सत्यता पाई गई, जिसके तुरंत बाद एसपी ब्रजेश ज्योति उपाध्याय ने यह कड़ी कार्रवाई की।

तिजारा सीओ करेंगे पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच

​जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि पुलिस महकमे में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या अपराधियों के साथ सांठगांठ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​”अपराधियों को प्रश्रय देने वाले चाहे किसी भी पद पर हों, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।”

राहुल प्रकाश, आईजी (जयपुर रेंज)

 

​इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच तिजारा सीओ शिवराज सिंह को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कठोर कानूनी व विभागीय कदम उठाए जाएंगे।

नई थाना प्रभारी के सामने साइबर क्राइम पर लगाम की चुनौती

​किशनगढ़बास थाने की कमान संभालने वालीं नव-नियुक्त आरपीएस अधिकारी नेहा मीणा के सामने क्षेत्र में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और साइबर अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की मुख्य जिम्मेदारी होगी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय जनता में पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास बहाल होने और साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

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