नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
14 फरवरी
खैरथल /तिजारा राजस्थान के किशनगढ़बास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी एक बार फिर बड़ी समस्या बनकर सामने आई। मंगलवार को एक मृतक युवक के परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में मौजूद एकमात्र डॉक्टर अन्य मरीजों के इलाज में व्यस्त था, जिससे पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी होती रही।

स्थिति तब गंभीर हो गई जब आक्रोशित परिजन और स्थानीय ग्रामीण अस्पताल परिसर में जमा होने लगे। बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रशासन को तुरंत एक अन्य डॉक्टर को बुलाना पड़ा, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
स्थानीय लोगों में रोष
किशनगढ़बास अस्पताल क्षेत्र का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन डॉक्टरों की कमी और गैरहाजिरी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि प्रशासन को घासोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर सलमान को बुलाना पड़ा।
मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम में हुई देरी के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि अगर अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर होते, तो उन्हें इस तकलीफ से नहीं गुजरना पड़ता।
प्रशासन से समाधान की मांग
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोग भी नाराज हैं। वे जल्द से जल्द अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

