किशनगढ़बास: अमर शहीद हेमू कालाणी का बलिदान दिवस श्रद्धा और देशभक्ति के साथ मनाया गया
| नरेश गुनानी
किशनगढ़बास। स्वाधीनता संग्राम के युवा नायक अमर शहीद हेमू कालाणी के बलिदान दिवस के अवसर पर बुधवार देर शाम किशनगढ़बास में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। सिंधी समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, सम्मान और देशभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।
पुष्पांजलि और संकल्प सभा
कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6 बजे संत कंवर राम हरि मंदिर परिसर में हुआ। यहाँ समाज के गणमान्य नागरिकों ने शहीद हेमू कालाणी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थित जनसमूह ने उनके अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को याद करते हुए उनके बताए आदर्शों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
ऐतिहासिक संदर्भ: ‘सिंध के भगत सिंह’ को दी गई श्रद्धांजलि
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हेमू कालाणी के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
- हेमू कालाणी ने किशोरावस्था से ही अंग्रेजी शासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया था।
- ब्रिटिश सेना की हथियारों से भरी ट्रेन को पटरी से उतारने के प्रयास में वे गिरफ्तार हुए थे।
- अंग्रेजों ने उन्हें माफी का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने अपने साथियों के नाम बताने से साफ इंकार कर दिया।
- मात्र 19 वर्ष की आयु में 21 जनवरी 1943 को ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों के साथ वे फांसी के फंदे पर झूल गए।
- समाज ने उन्हें “सिंध के भगत सिंह” के रूप में याद किया।
कैंडल मार्च में उमड़ा जनसैलाब
श्रद्धांजलि सभा के पश्चात एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर देशभक्ति के नारे लगाए। समाजसेवी राजेश पमनानी ने कहा कि हेमू कालाणी का बलिदान आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके जीवन से राष्ट्रसेवा की सीख मिलती है।
रंगभरो प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘रंगभरो प्रतियोगिता’ के विजेताओं को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
|
स्थान |
प्रतिभागी का नाम (कोड) |
|---|---|
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प्रथम |
भूमिका (B2) |
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द्वितीय |
दिनेश तेजवानी (A8) |
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तृतीय |
वंशिका तेजवानी (E-H) |
|
चतुर्थ |
भूमि (AY-1) |
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पंचम |
ममता मंगलानी (C-11) |
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
इस गरिमामयी अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत किशनगढ़बास के मुखी गोकुलदास मृगवानी, बाबा बाबूलाल चन्दनानी, दर्शन लाल बत्रा, प्रभु दयाल चन्दनानी, नेभराज बत्रा, राजेश पमनानी, नरेश गुनानी, राजेश कामदार, रामचंद्र आडवाणी, सुनील बत्रा, मुरलीधर, बसंत, रूपा बत्रा, राजा मोरवानी, बंटी हरवानी और सुनील वलेचा सहित भारतीय सिंधु सभा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

