काव्यभारती का भव्य ‘बसंत उत्सव’ और गणतंत्र दिवस समारोह 26 जनवरी को; संस्थापक मनीषदत्त दादा का होगा स्मरण

काव्यभारती का भव्य ‘बसंत उत्सव’ और गणतंत्र दिवस समारोह 26 जनवरी को; संस्थापक मनीषदत्त दादा का होगा स्मरण

| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़

बिलासपुर: नगर की प्रतिष्ठित संस्था ‘काव्यभारती कला संगीत मण्डल’ द्वारा आगामी 26 जनवरी, सोमवार को बसंत उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह संस्था के आयोजन का गौरवशाली 49वाँ वर्ष है। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय विकास नगर, 27 खोली स्थित बाजपेयी परिषद में प्रातः 11:00 बजे से किया जाएगा।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

संस्थापक की विरासत को नमन

​संस्था के अध्यक्ष और पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1978 में कला मनीषी “मनीषदत्त दादा” ने जिस सांस्कृतिक पौधे को रोपा था, आज वह एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। इस अवसर पर संस्था के सदस्य अपने संस्थापक को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

देशभक्ति और बसंत के रंगों का संगम

​इस वर्ष बसंत उत्सव और गणतंत्र दिवस का अद्भुत संयोग बन रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 11:00 बजे ध्वजारोहण के साथ होगी, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद किया जाएगा। इसके पश्चात माँ सरस्वती और भारत माता का पूजन होगा।

सांस्कृतिक आकर्षण:

  • देशभक्ति गायन: काव्यभारती के कलाकारों और सेनानी परिवारों द्वारा ‘वीरों का कैसा हो बसंत’, ‘आ रही हिमालय से पुकार’ और ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ जैसे कालजयी गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।
  • कलाकारों की सहभागिता: सविता कुशवाहा, डॉ. किरण बाजपेयी, निवेदिता सरकार, अजिता, डॉ. चंदना मित्रा और डॉ. शकुंतला जितपुरे जैसे वरिष्ठ कलाकारों द्वारा सुरमधुर बसंत गीतों का गायन होगा।
  • नृत्य एवं अभिनय: स्थानीय बच्चों द्वारा नृत्य और लघु अभिनय की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

सम्मान और सामाजिक सरोकार

​समारोह के दौरान स्काउट गाइड के बच्चों और सक्रिय कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में दोपहर 12:30 बजे सभी अतिथि और सदस्य एक साथ प्रीतिभोज एवं प्रसाद का आनंद लेंगे।

पीले परिधान में पधारने का आग्रह

​संस्था के वरिष्ठ सदस्य डॉ. विजय सिन्हा, एस भारतीयन, डॉ. प्रभाकर पांडेय, चन्द्र शेखर बाजपेयी, महेश श्रीवास, डॉ. सुप्रिया भारतीयन, डॉ. रत्ना मिश्रा, वैभव गुलहरे और अखिलेश बाजपेयी ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर नगर के कला प्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। उत्सव की परंपरा के अनुरूप संभव हो तो पीले परिधान में पधारने का विशेष अनुरोध किया गया है।

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