कार्यशाला: गवर्नेंस के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका
| सुनील शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से प्रदेश में सुशासन का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। राजकाज में बढ़ते एआई टूल्स के उपयोग से राज्य सरकार की आमजन के प्रति पारदर्शिता और जवाबदेही और अधिक सुदृढ़ हो रही है। मुख्य सचिव मंगलवार को शासन सचिवालय में ‘रोल ऑफ़ आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) इन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ़ गवर्नेस’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

एआई से नागरिक सेवाएं बनीं तेज और सटीक
मुख्य सचिव ने बताया कि एआई तकनीक के माध्यम से राज्य सरकार सेवाओं को तेज, सटीक और नागरिक-केंद्रित बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ ने देश में इसके प्रभावी उपयोग को नई दिशा दी है। राजस्थान में संपर्क पोर्टल और CPGRAMS के माध्यम से शिकायतों के त्वरित निस्तारण में एआई का बड़ा योगदान रहा है। इसके जरिए डेटा का सूक्ष्म विश्लेषण संभव हुआ है, जिससे स्पैम शिकायतों की पहचान आसान हुई है और वास्तविक शिकायतों का समाधान तेजी से हो रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में ‘पढ़ाई विद एआई’ की सराहना
मुख्य सचिव ने टोंक जिले में संचालित “पढ़ाई विद एआई” पहल की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि:
- यह प्लेटफॉर्म राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कक्षा 10 के गणित के विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत शिक्षण उपलब्ध करा रहा है।
- वर्तमान में 12 हजार से अधिक विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
- एआई आधारित इस सिस्टम से विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुसार प्रश्न अभ्यास, त्वरित समाधान और विस्तृत व्याख्या मिल रही है।
तकनीकी सत्र और नवाचारों पर चर्चा
कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों ने एआई के व्यावहारिक उपयोगों पर प्रकाश डाला:
- राजेश यादव (महानिदेशक, HCM RIPA): उन्होंने बताया कि अधिकारियों को समय-समय पर तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि राजकीय कार्यों को सुदृढ़ किया जा सके।
- कमल दास (डीन, वाधवानी सेंटर): उन्होंने ‘AI कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ और सरकारी कार्यप्रणाली में दक्षता लाने के लिए डेटा के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी।
- अभय अग्रवाल (फैकल्टी सदस्य): उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग का उपयोग ट्रैफिक मैनेजमेंट, नगरीय विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा है। विशेष रूप से सिलिकोसिस जैसी बीमारियों की पहचान और “शिशु मापन एआई टूल” के जरिए आशा कार्यकर्ताओं को नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन में मदद मिल रही है।
प्रमुख एआई टूल्स का प्रदर्शन
कार्यशाला के दौरान जनरेटिव एआई के विभिन्न टूल्स जैसे WISPR FLOW, LOVABLE, Gems और GAMMA के व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव उपस्थित रहे, जिन्होंने एआई के माध्यम से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने पर अपने सुझाव साझा किए।
