काजरी में शुरू हुआ पांच दिवसीय अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम; नराकास (जोधपुर-2) और केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो की संयुक्त पहल

जोधपुर, राजस्थान/नरेश गुनानी/ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थान काजरी (CAZRI) में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), जोधपुर-2 द्वारा केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो, नई दिल्ली के तत्वावधान में पांच दिवसीय अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नराकास, जोधपुर-2 के सदस्य कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुवाद कौशल का विकास करना तथा उन्हें भारत सरकार की राजभाषा नीति की बारीकियों से अवगत कराना है।

​उद्घाटन सत्र और दीप प्रज्ज्वलन

​कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता काजरी के डॉ. एस पी एस तंवर ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण नराकास के सदस्य कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को गति प्रदान करेगा।

​तकनीकी युग में अनुवाद की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए डॉ. तंवर ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की:

​“सूचना प्रौद्योगिकी के इस आधुनिक युग में भी अनुवाद कार्य के लिए पूर्ण रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। मानव विवेक और भाषाई समझ की अपनी विशिष्ट उपयोगिता है।”

 

​राजभाषा नीति और भाषाई संतुलन पर बल

​कार्यक्रम में काजरी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (वरिष्ठ ग्रेड) संजीव कुमार सिन्हा ने भारत सरकार की राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों को राजभाषा नीति के अनुरूप सुचारू रूप से निष्पादित करने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को हिंदी और अंग्रेजी—दोनों भाषाओं का पर्याप्त ज्ञान होना आवश्यक है।

​प्रशिक्षण की रूपरेखा और प्रतिभागी

​स्वागत भाषण देते हुए नराकास, जोधपुर-2 के सदस्य सचिव एवं काजरी के उप निदेशक (राजभाषा) नवीन कुमार यादव ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा की:

  • ​प्रतिभागी: नराकास, जोधपुर-2 के विभिन्न सदस्य कार्यालयों से कुल 25 अधिकारी एवं कर्मचारी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।
  • ​संकाय सदस्य (फैकल्टी): प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देने के लिए केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो, नई दिल्ली से सहायक निदेशक सतेंद्र राठी और सहायक निदेशक डॉ. आशुतोष विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित हैं।
  • ​नराकास का संकल्प: उन्होंने बताया कि जोधपुर-2 नराकास द्वारा राजभाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक कार्यों में इसके सहज उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं।

​कार्यक्रम का सफल एवं सुचारू संचालन काजरी की आहरण एवं संवितरण अधिकारी श्रीमती अनीता शेखावत द्वारा किया गया।

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