गौरव कोचर
- सड़क सुरक्षा एवं परिवहन विभाग और प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (जयपुर द्वितीय) की अनूठी पहल
- रस रंग मंच संस्था के कलाकारों ने लघु नाटक के जरिए आमजन को किया जागरूक
- लोकप्रिय नाटक ‘फर्क तो पड़ता है भई’ की रही यह 98वीं शानदार प्रस्तुति
जयपुर, 16 जून। राजस्थान सरकार के सड़क सुरक्षा एवं परिवहन विभाग तथा प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (जयपुर द्वितीय) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत ‘सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा’ अभियान के अंतर्गत शास्त्री नगर स्थित कांवटिया सर्किल पर रस रंग मंच संस्था के कलाकारों द्वारा यातायात नियमों पर आधारित लघु नाटक ‘फर्क तो पड़ता है भई’ का प्रभावी मंचन किया गया।
नाटक ने अपनी सहज और मनोरंजक शैली से वहां उपस्थित बड़ी संख्या में आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया और यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने का दृढ़ संदेश दिया।
विक्रम-वेताल की रोचक कथा से समझाया नियमों का महत्व
इस लघु नाटक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रस्तुति शैली रही। कलाकारों ने विक्रम-वेताल की प्रसिद्ध व रोचक कथा का उपयोग करते हुए ‘शांतपुर’ एवं ‘अशांतपुर’ नामक दो काल्पनिक नगरों के बीच के अंतर को बेहद खूबसूरती से दर्शाया।
नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यातायात नियमों का पालन करना केवल किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ, सुरक्षित और अनुशासित समाज के निर्माण के लिए बेहद आवश्यक है। मंचन के दौरान रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को बेहद संजीदगी से उठाया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य उपयोग।
- कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाना।
- वाहनों को निर्धारित गति सीमा (स्पीड लिमिट) में ही चलाना।
- यातायात संकेतों (ट्रैफिक लाइट्स व साइंस) की पूरी पालना करना।
- सड़क पर चलते समय दूसरों के प्रति जिम्मेदार व संवेदनशील व्यवहार रखना।
नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी: दिनेश सिंह
इस अवसर पर वरिष्ठ परिवहन निरीक्षक दिनेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना किसी एक व्यक्ति या विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि सभी नागरिक सजगता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ यातायात नियमों की पालना अपने दैनिक जीवन में शुरू कर दें, तो सड़क दुर्घटनाओं में बहुत बड़े स्तर पर प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
98वें पड़ाव पर पहुंची जागरूकता की यह मुहिम
सड़क सुरक्षा जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किए गए इस बेहद लोकप्रिय नाटक का लेखन और निर्देशन विख्यात रंगकर्मी हिमांशु झाकल द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि आमजन को जागरूक करने की दिशा में इस नाटक की यह 98वीं सफल प्रस्तुति थी।
नाटक में रति महर्षि, के.के. कोहली, अजीत माथुर, मुकेश वर्मा, महेश महावर एवं हिमांशु झाकल ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। उपस्थित दर्शकों ने कलाकारों की इस प्रभावशाली प्रस्तुति और अभिनय की जमकर सराहना की।