कांग्रेस का उग्र रुख: 46 डिग्री की तपिश में कलेक्टर ऑफिस तक पदयात्रा, सरकार को दो हफ्ते का अल्टीमेटम
राजस्थान की गर्मी में जनसरोकारों पर गरमाई सियासत
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 09,2025
चूरू, राजस्थान | 9 जून 2025 –
राजस्थान की भीषण गर्मी के बीच आमजन एक ओर जहां जीवन की मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर इन जनसरोकारों पर अब सियासत भी उबलने लगी है। सोमवार को चूरू में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर ऑफिस तक पदयात्रा कर प्रदर्शन किया और प्रशासन को चेतावनी भरा अल्टीमेटम सौंपा।
46 डिग्री तापमान में कांग्रेस का पैदल मार्च
चूरू में जब पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, तब कांग्रेस नेताओं ने तपती सड़कों पर पैदल मार्च करते हुए जनआक्रोश प्रकट किया। सांसद राहुल कस्वां, कांग्रेस के उपाध्यक्ष रफीक मंडेलिया और जिलाध्यक्ष इंद्राज खींचड़ के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडेलिया हाउस स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक करीब 1.5 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया।
प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने गेट पर नारेबाजी करते हुए जिले की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम अर्पिता सोनी को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए।
मुख्य मुद्दे जिनपर कांग्रेस ने उठाई आवाज़:
- बिजली संकट: शहर में अघोषित बिजली कटौती और खराब पोलों से लोग परेशान हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
- चिकित्सा अव्यवस्था: जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी, सफाई की लचर व्यवस्था, और शराब पार्टी जैसी घटनाओं से आमजन त्रस्त है।
- पानी की विकट समस्या: ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की गंभीर कमी है। जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को लेकर कांग्रेस ने अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल खड़े किए।
- कचरा निस्तारण व्यवस्था: शहरी इलाकों में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की स्थिति बदतर बताई गई है।
दो हफ्तों की चेतावनी, नहीं मानी सरकार तो होगा आंदोलन
सांसद राहुल कस्वां और रफीक मंडेलिया ने साफ तौर पर कहा कि यदि प्रशासन दो हफ्तों के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं करता है, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
रफीक मंडेलिया ने चेताया, “अब जनता की समस्याओं को हल्के में लेना बंद करें अधिकारी। अगर दो हफ्तों में समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़कों पर निर्णायक आंदोलन करेगी।”
राजनीतिक पारा भी चढ़ा
राज्य में गर्मी के साथ-साथ अब राजनीतिक तापमान भी उफान पर है। कांग्रेस द्वारा जनहित के मुद्दों को लेकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि आने वाले समय में सरकार के लिए सियासी चुनौती भी बन सकता है।

