गनपत चौहान
रायगढ़ | जहाँ दुनिया बढ़ते शहरीकरण और कचरे के ढेरों से जूझ रही है, वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी लारा (NTPC Lara) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव पेश किया है। एनटीपीसी लारा ने अपने ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ (ZWL) मिशन के जरिए यह साबित कर दिया है कि यदि सही तकनीक और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदला जा सकता है।
क्या है ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ मिशन?
एनटीपीसी की ‘अपशिष्ट प्रबंधन नीति-2019’ के मार्गदर्शन में लारा परियोजना ने 2018 से ही इस पर काम शुरू कर दिया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टाउनशिप और संयंत्र से निकलने वाला कोई भी कचरा जमीन (लैंडफिल) में न फेंका जाए, बल्कि उसका 100% पुनर्चक्रण (Recycling) या सुरक्षित निपटान हो।
प्रबंधन के प्रमुख स्तंभ: पृथक्करण से प्रसंस्करण तक
एनटीपीसी लारा की सफलता के पीछे एक सुव्यवस्थित वैज्ञानिक ढांचा है, जिसे निम्नलिखित चरणों में समझा जा सकता है:
-
- स्रोत पर पृथक्करण (Segregation at Source): टाउनशिप के घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर अलग-अलग रंगों के डस्टबिन दिए गए हैं, ताकि सूखा और गीला कचरा शुरू से ही अलग रहे।
- 100% डोर-टू-डोर संग्रहण: टाउनशिप में रहने वाले लगभग 2150 निवासियों से कचरा एकत्र करने के लिए ई-वाहनों (Electric Vehicles) का उपयोग किया जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है।
- जैविक कचरे से ‘सोना’ (Composting): प्रतिवर्ष उत्पन्न होने वाले करीब 13 टन जैविक अपशिष्ट को इन-हाउस कम्पोस्टिंग इकाइयों में संसाधित किया जाता है। इससे तैयार जैविक खाद का उपयोग टाउनशिप की बागवानी और हरियाली बढ़ाने में हो रहा है।
- सह-प्रसंस्करण (Co-processing): गैर-जैविक कचरे (सूखा कचरा) को सीमेंट उद्योगों और अधिकृत इकाइयों को भेजा जाता है, जहाँ इसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।
- ई-वेस्ट का सुरक्षित निपटान: पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान और ई-वेस्ट को केवल सरकार द्वारा अधिकृत रिसाइक्लर्स को ही सौंपा जाता है।
“हमारा लक्ष्य केवल कचरा साफ करना नहीं, बल्कि एक ऐसी चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) बनाना है जहाँ कुछ भी व्यर्थ न जाए। आज हम प्रतिवर्ष 190 टन से अधिक कचरे को लैंडफिल में जाने से बचा रहे हैं।”
— परियोजना प्रबंधन, एनटीपीसी लारा
आंकड़ों में सफलता की कहानी
एनटीपीसी लारा द्वारा स्थापित मानक उद्योगों के लिए एक बेंचमार्क बन गए हैं:
|
विवरण |
आंकड़े (अनुमानित) |
|---|---|
|
निवासियों की संख्या |
~2150 |
|
वार्षिक सूखा कचरा |
666 टन |
|
वार्षिक जैविक कचरा |
13 टन |
|
दैनिक इन-हाउस प्रसंस्करण |
0.4 टन |
|
लैंडफिल से बचाया गया कचरा |
190+ टन (प्रतिवर्ष) |
सम्मान और वैश्विक प्रासंगिकता
विश्व बैंक और अन्य संस्थाओं के अनुमान के अनुसार, 2050 तक वैश्विक कचरा 3.5 अरब टन तक पहुँच सकता है। ऐसे में एनटीपीसी लारा का यह मॉडल न केवल स्थानीय स्तर पर स्वच्छता सुनिश्चित करता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भी योगदान देता है।
हाल ही में, पर्यावरणीय उत्कृष्टता और इस सफल मुहिम के लिए एनटीपीसी लारा को प्रतिष्ठित एपेक्स फाउंडेशन द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।