कचनेर धर्मतीर्थ में ऐतिहासिक पल: जयघोष के बीच 51 फीट ऊंची विशाल सिद्ध प्रतिमा की हुई स्थापना

योगेश शर्मा 

जयपुर/कचनेर। कचनेर के समीप स्थित श्रीक्षेत्र धर्मतीर्थ में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठापना एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव के दौरान एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गौरव का क्षण आया, जब भगवान वृषभ सिद्ध जिन बिंब की 51 फीट ऊंची विशाल सिद्ध प्रतिमा की सफलतापूर्वक स्थापना की गई। इस पावन अवसर पर देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र ‘जय जिनेन्द्र’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

गुरुदेवों के सानिध्य में संपन्न हुई स्थापना

​यह भव्य प्रतिमा स्थापना परम पूज्य जगद्गुरु गणाधिपति गणधराचार्य कुंथूसागर जी महाराज के पावन सानिध्य और क्रांतिकारी राष्ट्रसंत दिगंबर जैनाचार्य गुप्तीनंदी जी महाराज की प्रेरणा व मार्गदर्शन में संपन्न हुई। प्रतिमा के आधार में गणाधिपति कुंथूसागर जी, आचार्य गुप्तीनंदी जी, आचार्य सुयशगुप्त जी और आचार्य श्रुतधरनंदी जी सहित साधु संतों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के बीच यंत्र, नवरत्न, सोना-चांदी और पारा स्थापित किया गया।

​समिति के अध्यक्ष संजय पापड्डीवाल ने इस अवसर को ‘नेत्रदीपक और दुर्लभ’ बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर जीवन में एक ही बार आते हैं। प्रतिमा के अग्रभाग में भी रत्न और स्वर्ण अर्पित किए गए। इस दौरान डॉ. अंजली पापड़ीवाल ने श्रद्धा भाव दिखाते हुए अपनी उंगली से हीरे जड़ी सोने की अंगूठी निकालकर प्रतिमा के चरणों में समर्पित कर दी।

तीन क्रेनों और घंटों की मेहनत से मिली सफलता

​विशाल प्रतिमा की स्थापना का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था। संजय कासलीवाल और मनोज कासलीवाल के मार्गदर्शन में तीन बड़ी क्रेनों की सहायता से कई घंटों के अथक परिश्रम के बाद यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ। प्रतिष्ठाचार्य मधुर पंडित ने सभी धार्मिक विधियाँ संपन्न कराईं।

गर्भकल्याणक महोत्सव और सांस्कृतिक संध्या

​महोत्सव के दूसरे दिन सुबह 5:30 बजे से गर्भकल्याणक उत्तरार्ध की विधियां शुरू हुईं। 81 पवित्र कलशों के जल से धर्मतीर्थ का अभिषेक किया गया। शाम को गणधराचार्य के मंगल प्रवचन और भव्य आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसी दिन आचार्य श्रुतधरनंदी जी का दीक्षा दिवस महोत्सव भी भक्तिभाव से मनाया गया।

इन परिवारों का रहा विशेष सहयोग

  • प्रतिमा प्रदाता: इंदौर का गोधा परिवार (प्रेमलता गोधा, अनिलकुमार, अरुणकुमार व परिवार)।
  • आहारदाता: पुणे का बाकलीवाल परिवार (जिनेंद्र, हीरामणी, राजेश, रेखा, धीरज, सोनिया, विकास, सपना)।
  • महायज्ञनायक: बाराबंकी के प्रमोद जैन व परिवार।
  • यज्ञनायक: गुरुग्राम के विजेंद्र व निर्मल जैन परिवार।
  • दीप प्रज्वलन: पापलकर परिवार।

आज की विशेष गतिविधियां: ऐरावत हाथी पर निकलेगी शोभायात्रा

​प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा और पियूष कासलीवाल ने बताया कि आज सोमवार को जन्मकल्याणक की विधियां संपन्न होंगी।

  • सुबह 8:00 बजे: सौधर्म इंद्र और अन्य मान्यवरों की ऐरावत हाथी पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
  • राज्याभिषेक: इसके पश्चात आचार्य संघ के प्रवचन और 1008 कलशों से भगवान का महाभिषेक होगा।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: रात्रि में युवाओं और बच्चों द्वारा विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

​इस महोत्सव में आचार्य तीर्थनंदी जी, गणनायक आचार्य सुयशगुप्त जी और गणिनी आर्यिका क्षमा माताजी ससंघ विराजमान हैं। आयोजन में चंद्रशेखर पाटणी, पवन पापड्डीवाल, राजेंद्र पाटणी, गुलाबचंद कासलीवाल और सुनील काला सहित अनेक गणमान्य जन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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