नरेश गुनानी
जयपुर | 18 अप्रैल, 2026
राजस्थान के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को वित्तीय संबल प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रीको (RIICO) द्वारा राजस्थान वित्त निगम (RFC) को 50 करोड़ रुपये का अंश पूंजी सहयोग देने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत अब तक 20 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित भी की जा चुकी है।
बजट घोषणा की अनुपालना में निर्णय
राज्य सरकार की वित्तीय वर्ष 2024-25 की संशोधित बजट घोषणा में राजस्थान वित्त निगम के वित्तीय सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य रखा गया था। इस घोषणा के अनुसार, राज्य सरकार और रीको द्वारा 50-50 करोड़ रुपये की अंश पूंजी उपलब्ध कराई जानी थी। इसी क्रम में रीको के निदेशक मंडल ने अपनी मंजूरी दी, जिसके बाद रीको और राजस्थान वित्त निगम के बीच ‘शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट’ निष्पादित किया गया।
चरणबद्ध तरीके से जारी हो रही राशि
रीको प्रबंधन ने इस सहयोग राशि को किश्तों में जारी करने का निर्णय लिया है:
- प्रथम किश्त: 10 करोड़ रुपये पूर्व में जारी किए गए।
- द्वितीय किश्त: हाल ही में 10 करोड़ रुपये और हस्तांतरित किए गए।
- कुल सहयोग: अब तक कुल 20 करोड़ रुपये राजस्थान वित्त निगम को मिल चुके हैं।
इस वित्तीय सहयोग के बदले राजस्थान वित्त निगम द्वारा रीको को समतुल्य मूल्य के इक्विटी अंश (Equity Shares) आवंटित किए जाएंगे।
औद्योगिक और आर्थिक विकास पर प्रभाव
यह पूंजीगत निवेश राजस्थान के आर्थिक परिदृश्य को बदलने में सहायक सिद्ध होगा। राजस्थान वित्त निगम इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए करेगा:
- MSME को ऋण: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
- निवेश में वृद्धि: वित्तीय तरलता बढ़ने से प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश आकर्षित होंगे।
- रोजगार सृजन: नए उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।
- कार्यप्रणाली में सुधार: राजकीय विभागों और निगमों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।