औद्योगिक क्रांति की नई इबारत: हिरनोदा में ‘द थार ड्राई पोर्ट’ का भव्य शुभारंभ; राजस्थान बनेगा उत्तर भारत का लॉजिस्टिक्स हब

जयपुर/हिरनोदा। योगेश शर्मा 

राजस्थान को उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। हस्ती पेट्रोकेमिकल एंड शिपिंग लिमिटेड (एचपीसीएसएल) द्वारा विकसित ‘द थार ड्राई पोर्ट’ (इन्लैंड कंटेनर डिपो – आईसीडी) हिरनोदा का औपचारिक संचालन शुरू हो गया है। ₹300 करोड़ के भारी निवेश से तैयार यह विश्वस्तरीय मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब राजस्थान जैसे भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक्ड) राज्य के लिए ‘सूखे में समंदर’ यानी घरेलू स्तर पर ही बंदरगाह जैसी सुविधाएं देने का काम करेगा।

​परियोजना के उद्घाटन समारोह में राजस्थान के उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह और उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्य के आर्थिक ढांचे में इस प्रोजेक्ट को गेम-चेंजर बताया।

विकसित भारत की नींव है यह परियोजना: उद्योग मंत्री

​उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि और उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राज्य की भौगोलिक ताकत को रेखांकित करते हुए कहा:

​”आज राजस्थान देश के एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यह ड्राई पोर्ट परियोजना ‘विकसित भारत’ की सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में एक मजबूत नींव है। हमारी भौगोलिक स्थिति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हिरनोदा के इस केंद्र से दिल्ली और दुनिया के तमाम कोनों तक हर प्रकार की निर्बाध कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी।”

 

₹300 करोड़ का निवेश, 100 एकड़ में फैला इंफ्रास्ट्रक्चर

​जयपुर से मात्र 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ‘द थार ड्राई पोर्ट आईसीडी हिरनोदा’ अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है:

  • लागत और क्षेत्रफल: इस परियोजना को लगभग ₹300 करोड़ के निवेश के साथ 100 एकड़ से अधिक बंजर एवं अनुपयोगी भूमि को पुनर्जीवित कर विकसित किया गया है।
  • सालाना क्षमता: इस पोर्ट की वार्षिक क्षमता 2.5 लाख से अधिक टीईयू (ट्वेंटी-फिट इक्विवेलेंट यूनिट) कंटेनर संभालने की है।
  • विजन: यह पूरी सुविधा राजस्थान सरकार की ‘राइजिंग राजस्थान’ पहल और भारत सरकार के ‘पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के तहत रणनीतिक रूप से तैयार की गई है।

समृद्धि का नया प्रतीक बनेगा राजस्थान: सांसद और राज्य मंत्री

​समारोह के दौरान जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने प्राकृतिक वर्षा का स्वागत करते हुए कहा कि भले ही राजस्थान के पास अपना कोई समुद्री बंदरगाह नहीं है, लेकिन बंजर भूमि को इस तरह औद्योगिक हब में बदलना राज्य की उद्यमशीलता को दर्शाता है। आने वाले वर्षों में राजस्थान विश्व मंच पर समृद्धि का प्रतीक बनेगा। वहीं, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने विश्वास जताया कि यह विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर देश-विदेश की बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करेगा।

गुजरात के बंदरगाहों से सीधी रेल कनेक्टिविटी: निर्यातकों को बड़ा फायदा

​यह आईसीडी रणनीतिक रूप से वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) से जुड़ा हुआ है। इसके जरिए गुजरात के प्रमुख बंदरगाहों—मुंद्रा और पीपावाव तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।

​यह सुविधा सीधे तौर पर निम्नलिखित औद्योगिक क्षेत्रों को अपनी सेवाएं प्रदान करेगी:

  • ​महिंद्रा सेज (Mahindra SEZ)
  • ​बगरू और दूदू औद्योगिक क्षेत्र
  • ​वीकेआईए (VKIA) और सीतापुरा (जयपुर)
  • ​अलवर जिले के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स

​इस रणनीतिक संपर्क से हस्तशिल्प, वस्त्र, परिधान, मार्बल और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यातकों को वैश्विक बाजारों तक तेज पहुंच मिलेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत और माल परिवहन के समय में भारी कमी आएगी।

स्थानीय उद्योगों के लिए खुलेंगे वैश्विक द्वार: रुचिर पारेख

​हस्ती पेट्रोकेमिकल्स एंड शिपिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रुचिर पारेख ने संचालन शुरू होने की घोषणा करते हुए बताया:

​”आज से द थार ड्राई पोर्ट पूरी तरह क्रियाशील हो गया है। जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के हस्तशिल्प, रेडीमेड गारमेंट्स और मार्बल उत्पाद अब सीधे कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। साथ ही, यह परियोजना राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।”

 

एक छत के नीचे मिलेंगी ये विश्वस्तरीय सुविधाएं

​थार ड्राई पोर्ट केवल एक स्टोरेज डिपो नहीं, बल्कि व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को बदलने वाला एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है, जो ये सुविधाएं देगा:

  1. हाई-कैपेसिटी कंटेनर हैंडलिंग: अत्याधुनिक क्रेन और मशीनरी के जरिए सुरक्षित और त्वरित कंटेनर मूवमेंट।
  2. ऑन-साइट कस्टम्स क्लियरेंस: आयात-निर्यात (EXIM) प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए मौके पर ही सीमा शुल्क विभाग की क्लीयरेंस सुविधा।
  3. वेयरहाउसिंग सॉल्यूशंस: सुरक्षित भंडारण के साथ मूल्यवर्धित (Value-added) लॉजिस्टिक्स सेवाएं।
  4. लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: सड़क और रेल नेटवर्क का ऐसा बेहतरीन ताना-बाना, जो फैक्ट्री से लेकर बंदरगाह तक निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करेगा।

इन क्षेत्रों को मिलेगा अभूतपूर्व बढ़ावा

​इस मल्टीमॉडल हब के शुरू होने से मुख्य रूप से हस्तशिल्प, कपड़ा व परिधान, मार्बल, ग्रेनाइट व प्राकृतिक पत्थर, इंजीनियरिंग और औद्योगिक उपकरण, कृषि उत्पाद व खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर/विंड) उपकरण, तथा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर को सबसे ज्यादा लाभ होगा। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट राजस्थान को डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ट्रेड के वैश्विक मानचित्र पर अग्रणी कतार में खड़ा करने जा रहा है।

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