ओसाका वर्ल्ड एक्सपो से पहले टोक्यो में छत्तीसगढ़ की कूटनीतिक और तकनीकी पहल
गनपत चौहान, ब्यूरो चीफ़, छत्तीसगढ़ टेलीग्राफ टाइम्स
टोक्यो/रायपुर, 23 अगस्त — ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ की भागीदारी से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने टोक्यो प्रवास की शुरुआत आध्यात्मिकता, तकनीक और व्यापार कूटनीति के संगम से की।
असाकुसा मंदिर में दर्शन
टोक्यो पहुंचते ही उन्होंने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर में दर्शन किए। यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर माना जाता है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक है। पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यह मंदिर शांति और शक्ति का संदेश देता है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ भी शांति, सामर्थ्य और समृद्धि से परिपूर्ण राज्य के रूप में सतत विकास की ओर अग्रसर है।

सूचना प्रौद्योगिकी में नवाचार पर चर्चा
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एनटीटी लिमिटेड (NTT Ltd.) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कायो इतो से मुलाकात की। एनटीटी विश्व की शीर्ष आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल समाधान कंपनियों में से एक है, जिसकी वार्षिक आय 90 अरब अमेरिकी डॉलर है और जो 50 से अधिक देशों में कार्यरत है। बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। विष्णु देव साय ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एनटीटी क्लाउड कम्प्यूटिंग और साइबर सुरक्षा सहित अत्याधुनिक आईटी समाधान प्रदान कर रही है और डिजिटल परिवर्तन की अग्रणी शक्ति बनी हुई है।
सांस्कृतिक रिश्तों और व्यापारिक साझेदारी को मजबूती
शाम को भारत के जापान में राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित औपचारिक रात्रिभोज में छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस अवसर पर इंडो-पैसिफिक देशों को उद्योग और व्यापार के माध्यम से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया। चर्चा में आर्थिक स्थिरता, व्यापारिक सुरक्षा, पारिस्थितिकीय संतुलन और औद्योगिक वृद्धि की अहम भूमिका पर जोर दिया गया।
विष्णु देव साय ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत के कुशल जनशक्ति के संयोजन से व्यापक औद्योगिक सहयोग की संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों को प्रोत्साहित करने और छत्तीसगढ़ को जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया।
वैश्विक सेतु निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
टोक्यो प्रवास का पहला दिन व्यापार, तकनीक और कूटनीति से जुड़े अवसरों की खोज से भरा रहा। इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को तीव्र औद्योगिक विकास, डिजिटल नवाचार और वैश्विक साझेदारी के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।
