ओबीसी आरक्षण का नया फॉर्मूला तैयार करेगा आयोग: 22 दिसंबर से जिला मुख्यालयों पर शुरू होगा जनसंवाद
जयपुर | 21 दिसंबर 2025
| नरेश गुनानी
राजस्थान में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सशक्त नीति निर्माण और स्थानीय निकायों में समुचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य स्तरीय ओबीसी आयोग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। संभाग मुख्यालयों के बाद अब राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग 22 दिसंबर से 3 जनवरी तक प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रहा है।
आरक्षण का नवीन प्रावधान और रिपोर्ट
आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) मदनलाल भाटी ने बताया कि आयोग प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्गों के समग्र उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग पंचायती राज और शहरी निकायों में ओबीसी जातियों को आरक्षण देने का नवीन फॉर्मूला तय कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में नया आरक्षण ढांचा लागू कर चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
विस्तृत दौरा कार्यक्रम (22 दिसंबर – 3 जनवरी)
आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ के अनुसार, अध्यक्ष और सदस्यों के दौरे इस प्रकार रहेंगे:
- न्यायाधीश (सेनि.) मदनलाल भाटी: 22 दिसंबर को जैसलमेर व फलौदी, 23 को बाड़मेर व बालोतरा, 24 को जालौर व सिरोही और 30 को पाली में जनसंवाद करेंगे।
- अध्यक्ष मदनलाल भाटी एवं सदस्य गोपाल कृष्ण शर्मा (संयुक्त): 26 दिसंबर को डीडवाना-कुचामन-नागौर और 31 दिसंबर को ब्यावर व भीलवाड़ा का दौरा करेंगे।
- प्रो. राजीव सक्सेना एवं गोपाल कृष्ण शर्मा (संयुक्त): 22 दिसंबर को दौसा व डीग, 23 को धौलपुर व करौली में जनसुनवाई करेंगे।
- मोहन मोरवाल एवं पवन मंडाविया (संयुक्त): 22 दिसंबर को चित्तौड़गढ़ व राजसमंद, 23 को प्रतापगढ़ व बांसवाड़ा, 24 को डूंगरपुर व सलूंबर में संवाद करेंगे।
- मोहन मोरवाल (अकेले): 26 दिसंबर को टोंक व सवाई माधोपुर।
- गोपाल कृष्ण शर्मा एवं पवन मंडाविया (संयुक्त): 29 दिसंबर को झुंझुनू व चूरू, 30 को सीकर व कोटपूतली-बहरोड़।
- प्रो. राजीव सक्सेना एवं मोहन मोरवाल (संयुक्त): 30 दिसंबर को अलवर-खैरथल, 2 जनवरी को झालावाड़ और 3 जनवरी को बारां-बूंदी में कार्यक्रम करेंगे।
हितधारकों से सीधा संवाद
जनसंवाद कार्यक्रमों में आयोग वर्तमान व पूर्व सांसदों, विधायकों, जिला प्रमुखों, प्रधानों, जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों, नगरीय निकायों के अध्यक्षों व सदस्यों, बार काउंसिल सदस्यों और सामाजिक-शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष चर्चा करेगा। आयोग ने जिला प्रशासन को नोडल अधिकारी नियुक्त करने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
अनुभवजन्य जांच और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में गठित यह आयोग स्थानीय निकायों में पिछड़ेपन की प्रकृति की गहन जांच कर रहा है। अध्यक्ष मदनलाल भाटी ने कहा कि संभाग मुख्यालयों के बाद शेष जिला मुख्यालयों पर पहुँचने का उद्देश्य हर वर्ग का अनुभवजन्य तरीके से विश्लेषण करना है।
सुझाव आमंत्रित
आयोग ने जनसाधारण और ओबीसी कल्याण संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने प्रत्यावेदन या सुझाव ईमेल आईडी obccommission25@gmail.com पर भेजें या डाक के माध्यम से प्रेषित करें।

