ओणम के महापर्व पर देश भर में उत्सव का माहौल: पीएम मोदी और कई मुख्यमंत्रियों ने दी शुभकामनाएं, सामाजिक सद्भाव और समृद्धि की कामना

नई दिल्ली/प्रीति बालानी/दक्षिण भारत, विशेषकर केरल के सबसे बड़े और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध लोकपर्व ‘ओणम’ (Onam) के पावन अवसर पर देशभर में उल्लास का माहौल है। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने देशवासियों, विशेषकर केरल के नागरिकों और प्रवासी मलयाली समुदाय को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। नेताओं ने ओणम को भारतीय संस्कृति, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामाजिक सद्भाव और एकजुटता का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर देश और दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय को ओणम की बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा:

​”सभी को ओणम की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह एक शानदार त्योहार है, जिसे पूरी दुनिया में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार खुशी, एकजुटता और समृद्धि की भावना को और मजबूत करे।”

 

विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रमुख नेताओं ने भी दी बधाई

  • योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश): उन्होंने ओणम को लोक परंपरा और सामाजिक सद्भाव का महापर्व बताते हुए कहा कि यह पर्व किसानों और सभी नागरिकों के जीवन में सुख, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली लाए तथा राष्ट्र की एकता व सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करे।
  • रेखा गुप्ता (मुख्यमंत्री, दिल्ली): उन्होंने शांति और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि समृद्धि और एकजुटता का यह त्योहार दिल्ली और पूरे देश के हर घर में खुशियां लेकर आए।
  • भजनलाल शर्मा (मुख्यमंत्री, राजस्थान): उन्होंने ओणम को सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बताया और कामना की कि यह पर्व हर नागरिक के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करे।
  • पंकज चौधरी (केंद्रीय राज्य मंत्री): उन्होंने फूलों की रंगोली और पारंपरिक उल्लास के इस पर्व पर सभी के लिए सफलता और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
  • केशव प्रसाद मौर्य (उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश): उन्होंने इसे अन्नदाता किसानों की समृद्धि और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने वाला पावन अवसर बताया।

10 दिनों तक चलता है ओणम का उल्लास

ओणम केरल का एक प्रमुख कृषि व सांस्कृतिक उत्सव है, जो राजा महाबली के स्वागत और नई फसल के आगमन की खुशी में मनाया जाता है।

  • अवधि: यह महापर्व पूरे 10 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत ‘अथम’ (Atham) नक्षत्र से होती है और समापन सबसे महत्वपूर्ण दिन ‘तिरुवोनम’ (Thiruvonam) पर होता है।
  • प्रमुख आकर्षण: इस दौरान घरों के बाहर फूलों की मनमोहक रंगोली (पूकलम), पारंपरिक दावत (ओणम सद्या), नौका दौड़ (वल्लम कली) और लोकनृत्य जैसे कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

​इस वर्ष 16 अगस्त से शुरू हुआ यह 10 दिवसीय उत्सव 26 अगस्त को तिरुवोनम के साथ पूरे पारंपरिक विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो रहा है।

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