मुख्य बिंदु:
- ₹47,000 करोड़ की बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण।
- ‘उत्कर्ष ओडिशा’ अभियान के तहत अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले।
- धान खरीद पर किसानों को ₹3,100 प्रति क्विंटल देने का बड़ा फैसला।
- मयूरभंज में एक नए नवोदय विद्यालय की स्थापना को दी गई स्वीकृति।
- आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान।
भुवनेश्वर / मयूरभंज/ आसिम अमिताव बिस्वाल
ओडिशा के समग्र विकास को गति देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ओडिशा की जनता को बधाई दी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।
संसाधनों को संभावनाओं में बदल रही सरकार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ओडिशा के संसाधनों को उसकी संभावनाओं में बदलने के लिए निरंतर काम कर रही है। राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए चलाए जा रहे ‘उत्कर्ष ओडिशा’ अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि:
- अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
- 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मेगा परियोजनाओं पर काम जारी है।
- पावर सेक्टर में 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जा रहा है ताकि उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सके।
‘डबल इंजन’ सरकार का सीधा जनता से जुड़ाव
सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह खुद चलकर जनता के दरवाजे तक पहुंचती है। उन्होंने राज्य में लागू की गई प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण दिया:
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- किसानों को लाभ: धान की खरीद पर किसानों को ₹3,100 प्रति क्विंटल देने का ऐतिहासिक निर्णय।
- महिला सशक्तिकरण: ‘सुभद्रा योजना’ के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक माताओं और बहनों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई गई।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: आयुष्मान भारत योजना को लागू कर ओडिशा के परिवारों के लिए देश भर के अस्पतालों में मुफ्त इलाज का रास्ता खोला गया।
- श्रद्धालुओं का सम्मान: महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों की भावनाओं का आदर करते हुए श्रीमंदिर के चारों द्वारों को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है।
”जब सरकार खुद जनता तक पहुँचती है, तो सामान्य नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ते। आज ओडिशा में चारों दिशाओं में विकास सुनिश्चित हो रहा है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
जनजातीय समाज का उत्थान और शिक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों में एक वालंटियर के रूप में बिताए अपने दिनों और राष्ट्रपति मुर्मू के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती समय में इन इलाकों तक सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं। वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है:
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- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन अभियान के जरिए सबसे पिछड़े आदिवासी समूहों तक सरकार स्वयं पहुंच रही है।
- आदिवासी युवाओं के लिए देश में लगभग 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले जा चुके हैं और 750 और स्कूलों को स्वीकृति दी गई है।
- माधो सिंह हाथ-खर्चा योजना के जरिए आदिवासी बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने से रोकी जा रही है। साथ ही मयूरभंज में एक और नए नवोदय विद्यालय को मंजूरी दी गई है।
- सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाकर 4 करोड़ से अधिक हेल्थ कार्ड बांटे गए हैं।
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‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल की सराहना
ओडिशा में हाल ही में चलाए गए विशेष सफाई अभियान की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी यह अभियान छाया हुआ है। उन्होंने इस सराहनीय पहल के लिए वहां के नागरिकों, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को बधाई दी और आह्वान किया कि स्वच्छता को हर रोज की आदत और जीवन शैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
2036 और 2047: भविष्य के दो बड़े लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने ओडिशा और भारत के भविष्य को एक-दूसरे से जोड़ते हुए कहा कि वर्ष 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे और 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष। दोनों का लक्ष्य एक ही दिशा में है—ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा।
भाषण के समापन पर पीएम मोदी ने कल यानी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश और दुनिया के लोगों से रिकॉर्ड संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की कर्मभूमि को उनके साथ देखने का अवसर मिलने पर विशेष आभार प्रकट किया।