ओडिशा में विकास का नया अध्याय: रायगढ़ा से PMGSY-IV का शुभारंभ, मिली 1,700 करोड़ की सौगात

आसिम अमिताव बिस्वाल 

रायगढ़ा (ओडिशा): ओडिशा के ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आज डबल इंजन सरकार ने विकास के एक नए युग की शुरुआत की। रायगढ़ा के बरिजोला में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) का आधिकारिक शुभारंभ किया।

​इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने मंच से मुख्यमंत्री को स्वीकृति-पत्र सौंपा, जिसके तहत राज्य के लिए अरबों रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

​सड़कों का जाल और ग्रामीण संपर्क

​केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओडिशा को 1,698.04 करोड़ रुपये की लागत वाली 827 नई सड़कों की सौगात दी।

  • कुल लंबाई: 1701.84 किलोमीटर।
  • उद्देश्य: दुर्गम, पहाड़ी और अब तक सड़क संपर्क से वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना।
  • दृष्टिकोण: सड़कों को केवल रास्ता नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की ‘जीवनरेखा’ माना गया है।

​आवास और मनरेगा के लिए भारी आवंटन

​श्रमिक दिवस के अवसर पर ग्रामीण विकास को गति देने के लिए कई वित्तीय घोषणाएं की गईं:

  1. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G): लंबित आवासों को पूरा करने और गरीबों को पक्का घर देने के लिए 630.61 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
  2. मनरेगा: वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में 868.71 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
  3. सिंचाई (WDC-PMKSY 2.0): जल संचयन और सिंचाई कार्यों के लिए 30.07 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।

​”समृद्ध ओडिशा” का संकल्प

​मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश ओडिशा के प्रति केंद्र के स्नेह को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार “समृद्ध ओडिशा, विकसित ओडिशा” के मिशन पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि PMGSY-IV विशेष रूप से उन अंचलों में विकास पहुँचाएगी जहाँ पहुँच आज भी कठिन है।

​महिला और किसान सशक्तिकरण

​कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने आर्थिक स्वावलंबन पर जोर देते हुए कहा कि:

  • लखपति दीदी अभियान और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जाएगा।
  • कृषि उन्नति: किसानों की आय बढ़ाने के लिए सीड विलेज, वैज्ञानिक खेती, पशुपालन, मत्स्यपालन और भंडारण क्षमता (गोदाम निर्माण) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • आजीविका: स्वरोजगार प्रशिक्षण और एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड के जरिए युवाओं को जोड़ा जाएगा।

​जनहित में सीधा लाभ

​समारोह के दौरान मंत्रियों ने स्वयं अपने हाथों से लाभार्थियों को सहायता राशि और प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके पर राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री रबी नारायण नायक सहित कई जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

​यह कार्यक्रम ओडिशा के इतिहास में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण के साझा संकल्प के प्रतीक के रूप में दर्ज हो गया है।

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