ओडिशा में मारवाड़ महोत्सव: राजस्थान और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता का अनूठा संग
| नरेश गुनानी
संबलपुर/जयपुर, 23 दिसम्बर। ओडिशा के संबलपुर में आयोजित ‘मारवाड़ महोत्सव’ में सोमवार को भारतीय राजनीति की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मारवाड़ी समाज की गौरवशाली परंपराओं और देश के विकास में उनके योगदान की सराहना की।
मारवाड़ी समाज की पहचान सेवा और समर्पण: ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की यह पावन धरती अध्यात्म, संस्कृति और संस्कारों की भूमि है। उन्होंने कहा कि राजस्थान से आए मारवाड़ी समाज ने अपनी मेहनत और श्रम से ओडिशा के विकास में अमूल्य योगदान दिया है।
बिरला ने जोर देकर कहा कि मारवाड़ी समाज अपनी जन्मस्थली से जुड़कर कर्मस्थली पर सामाजिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन करता है। आपदा और संकट के समय यह समाज सदैव आगे रहता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए किए गए ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ जैसे आयोजनों की भी सराहना की और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सहयोग का आह्वान किया।
सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाएगा यह महोत्सव: धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान और ओडिशा दोनों राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना के तहत दोनों राज्यों में निवेश और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। मारवाड़ महोत्सव जैसे आयोजनों से हमारी आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहेंगी।
मारवाड़ महोत्सव सांस्कृतिक एकता का अद्वितीय संगम: भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मारवाड़ी समाज को राजस्थान की माटी का दूत बताते हुए कहा कि यह समाज दुनिया भर में ईमानदारी और मेहनत से प्रदेश की खुशबू फैला रहा है। उन्होंने मारवाड़ी युवा मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव लोक कला, संगीत, नृत्य और खानपान को एक मंच पर लाकर भारतीय गौरव को प्रदर्शित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया:
- प्रवासी राजस्थानी दिवस: 10 दिसम्बर को आयोजित सफल कार्यक्रम से प्रवासियों को अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिला।
- राजस्थान फाउंडेशन: फाउंडेशन के चैप्टर्स की संख्या बढ़ाकर अब 40 कर दी गई है।
- प्रवासी सहायता: प्रवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए हर जिले में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADC) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि राजस्थानी व्यक्ति चाहे दुनिया के किसी भी कोने में रहे, उसके भीतर मारवाड़ का अजेय भाव, शेखावाटी का जज्बा, मेवाड़ का गौरव, ढूंढाड़ की विनम्रता और बृज की मधुरता सदैव जीवंत रहती है।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में ओडिशा के मंत्री रबी नारायण नाइक, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सूर्यबंशी सूरज, विभिन्न विधायकगण और मारवाड़ी समाज के प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।