भुवनेश्वर/ आसिम अमिताव बिस्वाल/ओडिशा में भारी बारिश और नदियों के उफान के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई इस भीषण बाढ़ से अब तक 7.85 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं। इस बीच स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को जाजपुर और भद्रक जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी स्तर पर सघन दौरा किया।
नाव और मोटरसाइकिल से पहुंचे जलमग्न इलाकों में
बाढ़ पीड़ितों की वास्तविक स्थिति जानने और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक लाव-लश्कर को परे रखते हुए नाव और मोटरसाइकिल का सहारा लिया। उन्होंने कई ऐसे दुर्गम व जलमग्न क्षेत्रों का दौरा किया, जहां सामान्य वाहनों से पहुंचना संभव नहीं था।
दौरे के मुख्य बिंदु
- प्रत्यक्ष संवाद: मुख्यमंत्री ने जलभराव से घिरे गांवों में पहुंचकर स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत की और उनकी मूलभूत समस्याओं, भोजन, पेयजल व दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।
- दशरथपुर ब्लॉक की स्थिति: जाजपुर के दशरथपुर ब्लॉक जैसे बार-बार जलमग्न होने वाले इलाकों में पहुंचकर उन्होंने तटबंधों की स्थिति और जल निकासी की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।
- राहत शिविरों की समीक्षा: प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुचारू वितरण की समीक्षा की।
प्रशासन को त्वरित राहत और पुनर्वास के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन दलों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य हर प्रभावित व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना और जलस्तर घटने के साथ ही संक्रामक बीमारियों से बचाव के पुख्ता इंतजाम करना है। इसके साथ ही फसलों और संपत्तियों के नुकसान का शीघ्र आकलन करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रभावितों को समय पर मुआवजा मिल सके